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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 16/223 / 531

223परिवादी की परीक्षा

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 255स्रोत

(1) किसी परिवाद पर अपराध का संज्ञान लेते समय अधिकारिता रखने वाला मजिस्ट्रेट परिवादी की और यदि कोई साक्षी उपस्थित हैं तो उनकी शपथ पर परीक्षा करेगा और ऐसी परीक्षा का सारांश लेखबद्ध करेगा और परिवादी और साक्षियों द्वारा तथा मजिस्ट्रेट द्वारा भी हस्ताक्षरित किया जाएगा :

परन्तु किसी अपराध का संज्ञान मजिस्ट्रेट द्वारा अभियुक्त को सुनवाई का अवसर दिए बिना नहीं किया जाएगा :

परंतु यह और कि जब परिवाद लिख कर किया जाता है तब मजिस्ट्रेट के लिए परिवादी या साक्षियों की परीक्षा करना आवश्यक न होगा—

(क) यदि परिवाद अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में कार्य करने वाले या कार्य करने का तात्पर्य रखने वाले लोक सेवक द्वारा या न्यायालय द्वारा किया गया है ; या

(ख) यदि मजिस्ट्रेट जांच या विचारण के लिए मामले को धारा 242 के अधीन किसी अन्य मजिस्ट्रेट के हवाले कर देता है :

परंतु यह भी कि यदि मजिस्ट्रेट परिवादी या साक्षियों की परीक्षा करने के पश्चात् मामले को धारा 242 के अधीन किसी अन्य मजिस्ट्रेट के हवाले करता है तो बाद वाले मजिस्ट्रेट के लिए उनकी फिर से परीक्षा करना आवश्यक न होगा :

(2) कोई मजिस्ट्रेट ऐसे किसी अपराध के लिए लोक सेवक के विरुद्ध परिवाद पर संज्ञान ग्रहण नहीं करेगा जो उसके द्वारा अपने पदीय कृत्यों या कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान किया जाना अभिकथित है, जब तक—

(क) ऐसे लोक सेवक को उस परिस्थिति के बारे में प्राख्यान करने का अवसर नहीं दिया जाता है, जिसके कारण ऐसी अभिकथित घटना घटित हुई ; और

(ख) ऐसे लोक सेवक के वरिष्ठ अधिकारी से घटना के तथ्यों और परिस्थितियों को अंतर्विष्ट करने वाली रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो जाती है ।

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