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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 23/291 / 531

291पारस्परिक संतोषप्रद निपटारे के लिए मार्गदर्शी सिद्धांत

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 282–283स्रोत

धारा 290 की उपधारा (4) के खंड (क) के अधीन पारस्परिक संतोषप्रद निपटारे के लिए, न्यायालय निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाएगा, अर्थात् :—

(क) पुलिस रिपोर्ट पर संस्थित किसी मामले में, न्यायालय, लोक अभियोजक, पुलिस अधिकारी, जिसने मामले का अन्वेषण किया है, अभियुक्त और मामले में पीड़ित व्यक्ति को, उस मामले का संतोषप्रद निपटारा करने के लिए बैठक में भाग लेने के लिए सूचना जारी करेगा :

परन्तु मामले के संतोषप्रद निपटारे की ऐसी संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान न्यायालय का यह कर्तव्य होगा कि वह सुनिश्चित करे कि सारी प्रक्रिया बैठक में भाग लेने वाले पक्षकारों द्वारा स्वेच्छा से पूर्ण की गई है :

परन्तु यह और कि अभियुक्त, यदि ऐसी वांछा करे तो, मामले में लगाए गए अपने अधिवक्ता, यदि कोई हो, के साथ इस बैठक में भाग ले सकेगा ;

(ख) पुलिस रिपोर्ट से अन्यथा संस्थित मामले में, न्यायालय, अभियुक्त और उस मामले में पीड़ित व्यक्ति को मामले के संतोषप्रद निपटारे के लिए की जाने वाली बैठक में भाग लेने के लिए सूचना जारी करेगा :

परन्तु न्यायालय का यह कर्तव्य होगा कि वह मामले का संतोषप्रद निपटारा करने की संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित करे कि उसे बैठक में भाग लेने वाले पक्षकारों द्वारा स्वेच्छा से पूरा किया गया है :

परन्तु यह और कि यदि मामले में, पीड़ित व्यक्ति या अभियुक्त, यदि ऐसी वांछा करे, तो वह उस मामले में लगाए गए अपने अधिवक्ता के साथ उस बैठक में भाग ले सकेगा ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।