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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 10/146 / 531

146में भत्ते परिवर्तन

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 215–216स्रोत

(1) धारा 144 के अधीन भरणपोषण या अंतरिम भरणपोषण के लिए मासिक भत्ता पाने वाले या, यथास्थिति, अपनी पत्नी, संतान, पिता या माता को भरणपोषण या अंतरिम भरणपोषण के लिए मासिक भत्ता देने के लिए उसी धारा के अधीन आदिष्ट किसी व्यक्ति की परिस्थितियों में तब्दीली साबित हो जाने पर मजिस्ट्रेट, यथास्थिति, भरणपोषण या अंतरिम भरणपोषण के लिए भत्ते में ऐसा परिवर्तन कर सकेगा, जो वह ठीक समझे ।

(2) जहां मजिस्ट्रेट को यह प्रतीत होता है कि धारा 144 के अधीन दिया गया कोई आदेश किसी सक्षम सिविल न्यायालय के किसी विनिश्चय के परिणामस्वरूप रद्द या परिवर्तित किया जाना चाहिए वहां वह, यथास्थिति, उस आदेश को तदनुसार रद्द कर देगा या परिवर्तित कर देगा ।

(3) जहां धारा 444 के अधीन कोई आदेश ऐसी स्त्री के पक्ष में दिया गया है जिसके पति ने उससे विवाह-विच्छेद कर लिया है या जिसने अपने पति से विवाह-विच्छेद प्राप्त कर लिया है वहां यदि मजिस्ट्रेट का यह समाधान हो जाता है कि—

(क) उस स्त्री ने ऐसे विवाह-विच्छेद की तारीख के पश्चात् पुनः विवाह कर लिया है, तो वह ऐसे आदेश को उसके पुनर्विवाह की तारीख से रद्द कर देगा ;

(ख) उस स्त्री के पति ने उससे विवाह-विच्छेद कर लिया है और उस महिला ने उक्त आदेश के पूर्व या पश्चात् वह पूरी धनराशि प्राप्त कर ली है जो पक्षकारों को लागू किसी रूढ़िजन्य या वैयक्तिक विधि के अधीन ऐसे विवाह-विच्छेद पर देय थी तो वह ऐसे आदेश को,—

(i) उस दशा में जिसमें ऐसी धनराशि ऐसे आदेश से पूर्व दे दी गई थी उस आदेश के दिए जाने की तारीख से रद्द कर देगा ;

(ii) किसी अन्य दशा में उस अवधि की, यदि कोई हो, जिसके लिए पति द्वारा उस स्त्री को वास्तव में भरणपोषण दिया गया है, समाप्ति की तारीख से रद्द कर देगा ;

(ग) उस महिला ने अपने पति से विवाह-विच्छेद प्राप्त कर लिया है और उसने अपने विवाह-विच्छेद के पश्चात् अपने, यथास्थिति, भरणपोषण या अंतरिम भरणपोषण के आधारों का स्वेच्छा से अभ्यर्पण कर दिया था, तो वह आदेश को उसकी तारीख से रद्द कर देगा ।

(4) किसी भरणपोषण या दहेज की, किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा, जिसे धारा 144 के अधीन भरणपोषण और अंतरिम भरणपोषण या उनमें से किसी के लिए कोई मासिक भत्ता संदाय किए जाने का आदेश दिया गया है, वसूली के लिए डिक्री करने के समय सिविल न्यायालय उस राशि की भी गणना करेगा जो ऐसे आदेश के अनुसरण में, यथास्थिति, भरणपोषण या अंतरिम भरणपोषण या उनमें से किसी के लिए मासिक भत्ते के रूप में उस व्यक्ति को संदाय की जा चुकी है या उस व्यक्ति द्वारा वसूल की जा चुकी है ।

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