भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 32/438 / 531
438पुनरीक्षण की शक्तियों का प्रयोग करने के लिए अभिलेख मंगाना
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 343स्रोत
(1) उच्च न्यायालय या कोई सेशन न्यायाधीश अपनी स्थानीय अधिकारिता के भीतर स्थित किसी अवर दंड न्यायालय के समक्ष की किसी कार्यवाही के अभिलेख को, किसी अभिलिखित या पारित किए गए निष्कर्ष, दंडादेश या आदेश की शुद्धता, वैधता या औचित्य के बारे में और ऐसे अवर न्यायालय की किन्हीं कार्यवाहियों की नियमितता के बारे में अपना समाधान करने के प्रयोजन से, मंगा सकेगा और उसकी परीक्षा कर सकेगा और ऐसा अभिलेख मंगाते समय निदेश दे सकेगा कि अभिलेख की परीक्षा लंबित रहने तक किसी दंडादेश या आदेश का निष्पादन निलंबित किया जाए और यदि अभियुक्त परिरोध में है तो उसे उसके बंधपत्र या जमानतपत्र पर छोड़ दिया जाए ।
स्पष्टीकरण—सभी मजिस्ट्रेट, चाहे वे कार्यपालक हों या न्यायिक, और चाहे वे आरंभिक अधिकारिता का प्रयोग कर रहे हों, या अपीली अधिकारिता का, इस उपधारा के और धारा 439 के प्रयोजनों के लिए सेशन न्यायाधीश से अवर समझे जाएंगे ।
(2) उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त पुनरीक्षण की शक्तियों का प्रयोग किसी अपील, जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही में पारित किसी अंतर्वर्ती आदेश के संबंध में नहीं किया जाएगा ।
(3) यदि किसी व्यक्ति द्वारा इस धारा के अधीन आवेदन या तो उच्च न्यायालय को या सेशन न्यायाधीश को किया गया है, तो उसी व्यक्ति द्वारा कोई और आवेदन उनमें से दूसरे के द्वारा ग्रहण नहीं किया जाएगा ।
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