दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/अध्याय 35/511 / 534
461वे अनियमितताएं जो कार्यवाही को दूषित करती हैं
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 131–132स्रोत
यदि कोई मजिस्ट्रेट, जो निम्नलिखित बातों में से कोई बात विधि द्वारा इस निमित्त सशक्त न होते हुए, करता है तो उसकी कार्यवाही शून्य होगी, अर्थात् :—
(क) सम्पत्ति को धारा 83 के अधीन कुर्क करना और उसका विक्रय ;
(ख) किसी डाक या तार प्राधिकारी की अभिरक्षा में की किसी दस्तावेज, पार्सल या अन्य चीज के लिए तलाशी-वारण्ट जारी करना ;
(ग) परिशान्ति कायम रखने के लिए प्रतिभूति की मांग करना ;
(घ) सदाचार के लिए प्रतिभूति की मांग करना ;
(ङ) सदाचारी बने रहने के लिए विधिपूर्वक आबद्ध व्यक्ति को उन्मोचित करना ;
(च) परिशान्ति कायम रखने के बंधपत्र को रद्द करना ;
(छ) भरण-पोषण के लिए आदेश देना ;
(ज) स्थानीय न्यूसेन्स के बारे में धारा 133 के अधीन आदेश देना ;
(झ) लोक न्यूसेन्स की पुनरावृत्ति या उसे चालू रखने की धारा 143 के अधीन प्रतिषेध करना ;
(ञ) अध्याय 10 के भाग ग या भाग घ के अधीन आदेश देना ;
(ट) किसी अपराध का धारा 190 की उपधारा (1) के खंड (ग) के अधीन संज्ञान करना ;
(ठ) किसी अपराधी का विचारण करना ;
(ड) किसी अपराधी का संक्षेपतः विचारण करना ;
(ढ) किसी अन्य मजिस्ट्रेट द्वारा अभिलिखित कार्यवाही पर धारा 325 के अधीन दंडादेश पारित करना ;
(ण) अपील का विनिश्चय करना ;
(त) कार्यवाही को धारा 397 के अधीन मंगाना ; अथवा
(थ) धारा 446 के अधीन पारित आदेश का पुनरीक्षण करना ।
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