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दंड प्रक्रिया संहिता, 1973

दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/अध्याय 36/518 / 534

468परिसीमा-काल की समाप्ति के पश्चात् संज्ञान का वर्जन

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 133स्रोत

(1) इस संहिता में अन्यत्र जैसा अन्यथा उपबंधित है उसके सिवाय, कोई न्यायालय उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट प्रवर्ग के किसी अपराध का संज्ञान परिसीमा-काल की समाप्ति के पश्चात् नहीं करेगा ।

(2) परिसीमा-काल,—

(क) छह मास होगा, यदि अपराध केवल जुर्माने से दंडनीय है ;

(ख) एक वर्ष होगा, यदि अपराध एक वर्ष से अनधिक की अवधि के लिए कारावास से दंडनीय है ;

(ग) तीन वर्ष होगा, यदि अपराध एक वर्ष से अधिक किन्तु तीन वर्ष से अनधिक की अवधि के लिए कारावास से दंडनीय है ।

[(3) इस धारा के प्रयोजनों के लिए उन अपराधों के संबंध में, जिनका एक साथ विचारण किया जा सकता है, परिसीमा-काल उस अपराध के प्रतिनिर्देश से अवधारित किया जाएगा जो, यथास्थिति, कठोरतर या कठोरतम दंड से दंडनीय है।]

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  1. 1978 के अधिनियम सं० 45 की धारा 33 द्वारा अन्तःस्थापित ।

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