भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 14/201 / 531
201कुछ अपराधों की दशा में विचारण का स्थान
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 245स्रोत
(1) डकैती के, हत्या सहित डकैती के, डकैतों की टोली का होने के, या अभिरक्षा से निकल भागने के किसी अपराध की जांच या विचारण ऐसे न्यायालय द्वारा किया जा सकता है, जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर अपराध किया गया है या अभियुक्त व्यक्ति मिला है ।
(2) किसी व्यक्ति के व्यपहरण या अपहरण के किसी अपराध की जांच या विचारण ऐसे न्यायालय द्वारा किया जा सकता है, जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर वह व्यक्ति व्यपहृत या अपहृत किया गया या ले जाया गया या छिपाया गया या निरुद्ध किया गया है ।
(3) चोरी, उद्दापन या लूट के किसी अपराध की जांच या विचारण, ऐसे न्यायालय द्वारा किया जा सकता है, जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर ऐसा अपराध किया गया है या चुराई हुई संपत्ति को, जो कि अपराध का विषय है, उसे करने वाले व्यक्ति द्वारा या किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा कब्जे में रखी गई है, जिसने उस संपत्ति को चुराई हुई संपत्ति जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए प्राप्त किया या रखे रखा ।
(4) आपराधिक दुर्विनियोग या आपराधिक न्यास-भंग के किसी अपराध की जांच या विचारण ऐसे न्यायालय द्वारा किया जा सकता है, जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर अपराध किया गया है या उस संपत्ति का, जो अपराध का विषय है, कोई भाग अभियुक्त व्यक्ति द्वारा प्राप्त किया गया या रखा गया है या उसका लौटाया जाना या लेखा दिया जाना अपेक्षित है ।
(5) किसी ऐसे अपराध की, जिसमें चुराई हुई संपत्ति का कब्जा भी है, जांच या विचारण ऐसे न्यायालय द्वारा किया जा सकता है, जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर ऐसा अपराध किया गया है या चुराई हुई संपत्ति किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा कब्जे में रखी गई है, जिसने उसे चुराई हुई जानते हुए या विश्वास करने का कारण होते हुए प्राप्त किया या रखे रखा ।
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