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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 14/202 / 531

202इलैक्ट्रानिक संसूचना के साधनों, पत्रों, आदि द्वारा किए गए अपराध

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 246स्रोत

(1) किसी ऐसे अपराध की, जिसमें छल करना भी है, जांच या उनका विचारण, उस दशा में, जिसमें ऐसी प्रवंचना, इलैक्ट्रानिक संसूचना या पत्रों या दूरसंचार संदेशों के माध्यम से की गई है, ऐसे न्यायालय द्वारा किया जा सकता है, जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर ऐसी इलैक्ट्रानिक संसूचना ऐसे पत्र या संदेश भेजे गए हैं या प्राप्त किए गए हैं तथा छल करने और बेईमानी से संपत्ति का परिदान उत्प्रेरित करने वाले किसी अपराध की जांच या उनका विचारण ऐसे न्यायालय द्वारा किया जा सकता है, जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर संपत्ति, प्रवंचित व्यक्ति द्वारा परिदत्त की गई है या अभियुक्त व्यक्ति द्वारा प्राप्त की गई है ।

(2) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 82 के अधीन दंडनीय किसी अपराध की जांच या उनका विचारण ऐसे न्यायालय द्वारा किया जा सकता है जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर अपराध किया गया है या अपराधी ने प्रथम विवाह की अपनी पत्नी या पति के साथ अंतिम बार निवास किया है या प्रथम विवाह की पत्नी अपराध के किए जाने के पश्चात् स्थायी रूप से निवास करती है ।

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