भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 19/249 / 531
249अभियोजन के मामले के कथन का आरंभ
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 269स्रोत
जब अभियुक्त धारा 232 या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन मामले की सुपुर्दगी के अनुसरण में न्यायालय के समक्ष उपस्थित होता है या लाया जाता है तब अभियोजक अपने मामले का कथन, अभियुक्त के विरुद्ध लगाए गए आरोप का वर्णन करते हुए और यह बताते हुए आरंभ करेगा कि वह अभियुक्त के दोष को किस साक्ष्य से साबित करने की प्रस्थापना करता है ।
यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।