भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 19/256 / 531
256प्रतिरक्षा आरंभ करना
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 270–271स्रोत
(1) जहां अभियुक्त धारा 255 के अधीन दोषमुक्त नहीं किया जाता है वहां उससे अपेक्षा की जाएगी कि अपनी प्रतिरक्षा आरंभ करे और कोई भी साक्ष्य जो उसके समर्थन में उसके पास हो प्रस्तुत करे ।
(2) यदि अभियुक्त कोई लिखित कथन देता है तो न्यायाधीश उसे अभिलेख में फाइल करेगा ।
(3) यदि अभियुक्त किसी साक्षी को उपस्थित होने या कोई दस्तावेज या चीज प्रस्तुत करने को विवश करने के लिए कोई आदेशिका जारी करने के लिए आवेदन करता है तो न्यायाधीश ऐसी आदेशिका जारी करेगा जब तक उसका ऐसे कारणों से, जो लेखबद्ध किए जाएंगे, यह विचार न हो कि आवेदन इस आधार पर नामंजूर कर दिया जाना चाहिए कि वह तंग करने या विलंब करने या न्याय के उद्देश्यों को विफल करने के प्रयोजन से किया गया है ।
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