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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 4/34 / 531

34ग्राम के मामलों के संबंध में नियोजित अधिकारियों का कतिपय रिपोर्ट करने का कर्तव्य

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 170–171स्रोत

(1) किसी ग्राम के मामलों के संबंध में नियोजित प्रत्येक अधिकारी और ग्राम में निवास करने वाला प्रत्येक व्यक्ति, निकटतम मजिस्ट्रेट को या निकटतम पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी को, जो भी निकटतर हो, कोई भी जानकारी जो उसके पास निम्नलिखित के बारे में हो, तत्काल संसूचित करेगा,—

(क) ऐसे ग्राम में या ऐसे ग्राम के पास किसी ऐसे व्यक्ति का, जो चुराई हुई संपत्ति का कुख्यात प्रापक या विक्रेता है, स्थायी या अस्थायी निवास ;

(ख) किसी व्यक्ति का, जिसका वह लुटेरा, निकल भागा सिद्धदोष या उद्घोषित अपराधी होना जानता है या जिसके ऐसा होने का उचित रूप से संदेह करता है, ऐसे ग्राम के किसी भी स्थान में आना-जाना या उसमें से होकर जाना ;

(ग) ऐसे ग्राम में या उसके निकट कोई अजमानतीय अपराध या भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 189 और धारा 191 के अधीन दंडनीय कोई अपराध किया जाना या करने का आशय ;

(घ) ऐसे ग्राम में या उसके निकट कोई आकस्मिक या अप्राकृतिक मृत्यु होना, या सन्देहजनक परिस्थितियों में कोई मृत्यु होना, या ऐसे ग्राम में या उसके निकट किसी शव का, या शव के अंग का ऐसी परिस्थितियों में, जिनसे उचित रूप से संदेह पैदा होता है कि ऐसी मृत्यु हुई, पाया जाना, या ऐसे ग्राम से किसी व्यक्ति का, ऐसी परिस्थितियों में जिनसे उचित रूप से संदेह पैदा होता है कि ऐसे व्यक्ति के संबंध में अजमानतीय अपराध किया गया है, गायब हो जाना :

(ङ) ऐसे ग्राम के निकट, भारत के बाहर किसी स्थान में ऐसा कोई कार्य किया जाना या करने का आशय जो यदि भारत में किया जाता तो भारतीय न्याय संहिता, 2023 की निम्नलिखित धाराओं, अर्थात्-धारा 103, धारा 105, धारा , धारा 42, धारा 43, धारा 478 से धारा 181 (दोनों सहित), धारा 305, धारा 307, धारा 309 से धारा 312 (दोनों सहित), धारा 326 के खंड (च) और खंड (छ), धारा 331 या धारा 332 में से किसी के अधीन दंडनीय अपराध होता ;

(च) व्यवस्था बनाए रखने या अपराध के निवारण या व्यक्ति या संपत्ति की सुरक्षा पर संभाव्यता प्रभाव डालने वाला कोई विषय जिसके संबंध में जिला मजिस्ट्रेट ने राज्य सरकार की पूर्व मंजूरी से किए गए साधारण या विशेष आदेश द्वारा उसे निदेश दिया है कि वह उस विषय पर जानकारी संसूचित करे ।

(2) इस धारा में,—

(i) “ग्राम” के अंतर्गत ग्राम-भूमियां भी हैं ;

(ii) “उद्घोषित अपराधी” पद के अंतर्गत ऐसा व्यक्ति भी है, जिसे भारत के किसी ऐसे राज्यक्षेत्र में, जिस पर इस संहिता का विस्तार नहीं है, किसी न्यायालय या प्राधिकारी ने किसी ऐसे कार्य के बारे में, अपराधी उद्घोषित किया है, जो यदि उन राज्यक्षेत्रों में, जिन पर इस संहिता का विस्तार है, किया जाता तो भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अधीन दस वर्ष या उससे अधिक के कारावास या आजीवन कारावास या मृत्यु से दंडनीय होता ;

(iii) “ग्राम के मामलों के संबंध में नियोजित अधिकारी” शब्दों से ग्राम पंचायत का कोई सदस्य अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत मुखिया और प्रत्येक ऐसा अधिकारी या अन्य व्यक्ति भी है, जो ग्राम के प्रशासन के संबंध में किसी कृत्य का पालन करने के लिए नियुक्त किया गया है ।

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