भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 39/525 / 531
525वे मामले जिनमें न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट वैयक्तिक रूप से हितबद्ध है
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 374स्रोत
कोई न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट किसी ऐसे मामले का, जिसमें वह पक्षकार है, या वैयक्तिक रूप से हितबद्ध है, उस न्यायालय की अनुज्ञा के बिना, जिसमें उसके न्यायालय से अपील होती है, न तो विचारण करेगा और न उसे विचारण के लिए सुपुर्द करेगा और न कोई न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट अपने द्वारा पारित या किए गए किसी निर्णय या आदेश की अपील ही सुनेगा ।
स्पष्टीकरण—कोई न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट किसी मामले में केवल इस कारण से कि वह उससे सार्वजनिक हैसियत में संबद्ध है, या केवल इस कारण से कि उसने उस स्थान का, जिसमें अपराध का होना अभिकथित है, या किसी अन्य स्थान का, जिसमें मामले के लिए महत्वपूर्ण किसी अन्य संव्यवहार का होना अभिकथित है, अवलोकन किया है और उस मामले के संबंध में जांच की है, पक्षकार या वैयक्तिक रूप से हितबद्ध न समझा जाएगा ।
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