दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/अध्याय 20/287 / 534
259समन-मामलों को वारण्ट-मामलों में संपरिवर्तित करने की न्यायालय की शक्ति
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 76स्रोत
जब किसी ऐसे अपराध से संबंधित समनमामले के विचारण के दौरान जो छह मास से अधिक अवधि के कारावास से दंडनीय है, मजिस्ट्रेट को यह प्रतीत होता है कि न्याय के हित में उस अपराध का विचारण वारण्ट-मामलों के विचारण की प्रक्रिया के अनुसार किया जाना चाहिए तो ऐसा मजिस्ट्रेट वारण्ट-मामलों के विचारण के लिए इस संहिता द्वारा उपबंधित रीति से उस मामले की पुनः सुनवाई कर सकता है और ऐसे साक्षियों को पुनः बुला सकता है जिनकी परीक्षा की जा चुकी है।
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