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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 21/282 / 531

282समन-मामलों को वारंट-मामलों में संपरिवर्तित करने की न्यायालय की शक्ति

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 279स्रोत

जब किसी ऐसे अपराध से संबंधित समन-मामले के विचारण के दौरान जो छह मास से अधिक अवधि के कारावास से दंडनीय है, मजिस्ट्रेट को यह प्रतीत होता है कि न्याय के हित में उस अपराध का विचारण वारंट-मामलों के विचारण की प्रक्रिया के अनुसार किया जाना चाहिए तो ऐसा मजिस्ट्रेट वारंट-मामलों के विचारण के लिए इस संहिता द्वारा उपबंधित रीति से उस मामले की पुनः सुनवाई कर सकता है और ऐसे साक्षियों को पुनः बुला सकता है जिनकी परीक्षा की जा चुकी है ।

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