भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 21/274 / 531
274अभियोग का सारांश बताया जाना
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 277स्रोत
जब समन-मामले में अभियुक्त मजिस्ट्रेट के समक्ष उपस्थित होता है या लाया जाता है, तब उसे उस अपराध की विशिष्टियां बताई जाएंगी जिसका उस पर अभियोग है, और उससे पूछा जाएगा कि क्या वह दोषी होने का अभिवाक् करता है या प्रतिरक्षा करना चाहता है; किन्तु यथा रीति आरोप विरचित करना आवश्यक न होगा :
परंतु यदि मजिस्ट्रेट अभियोग को आधारहीन समझता है, तो वह ऐसे कारणों से जो लेखबद्ध किए जाएं, अभियुक्त को छोड़ देगा और ऐसे छोड़े जाने का प्रभाव उन्मोचन होगा ।
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