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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 21/279 / 531

279परिवादी का उपस्थित न होना या उसकी मृत्यु

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 278स्रोत

(1) यदि परिवाद पर समन जारी कर दिया गया हो और अभियुक्त की उपस्थिति के लिए नियत दिन को, या उसके पश्चात्वर्ती किसी दिन, जिसके लिए सुनवाई स्थगित की जाती है, परिवादी उपस्थित नहीं होता है तो, मजिस्ट्रेट परिवादी को उपस्थित होने के लिए तीस दिन का समय देने के पश्चात् इसमें इसके पूर्व किसी बात के होते हुए भी, अभियुक्त को दोषमुक्त कर देगा जब तक कि वह किन्हीं कारणों से किसी अन्य दिन के लिए मामले की सुनवाई स्थगित करना ठीक न समझे :

परन्तु जहां परिवादी का प्रतिनिधित्व अधिवक्ता द्वारा या अभियोजन का संचालन करने वाले अधिकारी द्वारा किया जाता है या जहां मजिस्ट्रेट की यह राय है कि परिवादी की वैयक्तिक उपस्थिति आवश्यक नहीं है वहां मजिस्ट्रेट उसकी उपस्थिति से उसे अभिमुक्ति दे सकता है और मामले में कार्यवाही कर सकता है ।

(2) उपधारा (1) के उपबंध, जहां तक हो सके, उन मामलों को भी लागू होंगे, जहां परिवादी के उपस्थित न होने का कारण उसकी मृत्यु है ।

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