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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 21/276 / 531

276छोटे मामलों में अभियुक्त की अनुपस्थिति में दोषी होने के अभिवाक् पर दोषसिद्धि

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 277स्रोत

(1) जहां धारा 229 के अधीन समन जारी किया जाता है और अभियुक्त मजिस्ट्रेट के समक्ष उपस्थित हुए बिना आरोप का दोषी होने का अभिवाक् करना चाहता है, वहां वह अपना अभिवाक अन्तर्विष्ट करने वाला एक पत्र और समन में विनिर्दिष्ट जुर्माने की रकम डाक या संदेशवाहक द्वारा मजिस्ट्रेट को भेजेगा ।

(2) तब मजिस्ट्रेट, स्वविवेकानुसार, अभियुक्त को उसके दोषी होने के अभिवाक् के आधार पर उसकी अनुपस्थिति में दोषसिद्ध करेगा और समन में विनिर्दिष्ट जुर्माना देने के लिए दण्डादेश देगा और अभियुक्त द्वारा भेजी गई रकम उस जुर्माने में समायोजित की जाएगी या जहां अभियुक्त द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत अधिवक्ता अभियुक्त की ओर से उसके दोषी होने का अभिवाक् करता है वहां मजिस्ट्रेट यथासंभव अधिवक्ता द्वारा प्रयुक्त किए गए शब्दों में अभिवाक् को लेखबद्ध करेगा और स्वविवेकानुसार उस अभियुक्त को ऐसे अभिवाक् पर दोषसिद्ध कर सकेगा और उसे यथापूर्वोक्त दण्डादेश दे सकेगा ।

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