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दंड प्रक्रिया संहिता, 1973

दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/अध्याय 21क/294 / 534

265कअध्याय का लागू होना

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 78स्रोत

(1) यह अध्याय ऐसे अभियुक्त के संबंध में लागू होगा जिसके विरुद्ध—

(क) पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी द्वारा धारा 173 के अधीन यह अभिकथित करते हुए रिपोर्ट अग्रेषित की गई है कि उसके द्वारा ऐसे अपराध से भिन्न कोई अपराध किया गया प्रतीत होता है, जिसके लिए तत्समय प्रवृत्त विधि के अधीन मृत्यु या आजीवन या सात वर्ष से अधिक की अवधि के कारावास के दंड का उपबंध है ; या

(ख) मजिस्ट्रेट ने परिवाद पर उस अपराध का, संज्ञान ले लिया है जो उस अपराध से भिन्न है, जिसके लिए तत्समय प्रवृत्त विधि के अधीन मृत्यु या आजीवन कारावास या सात वर्ष से अधिक की अवधि के कारावास के दंड का उपबंध है और धारा 200 के अधीन परिवादी और साक्षी की परीक्षा करने के पश्चात् धारा 204 के अधीन आदेशिका जारी की है,

किंतु यह अध्याय वहां लागू नहीं होगा जहां ऐसा अपराध देश की सामाजिक-आर्थिक दशा को प्रभावित करता है या किसी महिला अथवा चौदह वर्ष की आयु से कम के बालक के विरुद्ध किया गया है।

(2) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए, केन्द्रीय सरकार, अधिसूचना द्वारा तत्समय प्रवृत्त विधि के अधीन वे अपराध अवधारित करेगी जो देश की सामाजिक-आर्थिक दशा को प्रभावित करते हैं ।

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