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दंड प्रक्रिया संहिता, 1973

दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/अध्याय 21क/295 / 534

265खसौदा अभिवाक् के लिए आवेदन

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 78–79स्रोत

(1) किसी अपराध का अभियुक्त व्यक्ति, सौदा अभिवाक् के लिए उस न्यायालय में आवेदन फाइल कर सकेगा जिसमें ऐसे अपराध का विचारण लंबित है।

(2) उपधारा (1) के अधीन आवेदन में उस मामले का संक्षिप्त वर्णन होगा जिसके संबंध में आवेदन फाइल किया गया है, और उसमें उस अपराध का वर्णन भी होगा जिससे वह मामला संबंधित है तथा उसके साथ अभियुक्त का शपथ पत्र होगा जिसमें यह कथित होगा कि उसने विधि के अधीन उस अपराध के लिए उपबंधित दंड की प्रकृति और सीमा को समझने के पश्चात् अपने मामले में स्वेच्छा से सौदा अभिवाक् दाखिल किया है और यह कि उसे किसी न्यायालय ने इससे पूर्व किसी ऐसे मामले में, जिसमें उसे उसी अपराध से आरोपित किया गया था, यह कि सिद्धदोष नहीं ठहराया गया है ।

(3) न्यायालय उपधारा (1) के अधीन आवेदन प्राप्त होने के पश्चात्, यथास्थिति, लोक अभियोजक या परिवादी को और साथ ही अभियुक्त को मामले में नियत तारीख को हाजिर होने के लिए सूचना जारी करेगा ।

(4) जहां उपधारा (3) के अधीन नियत तारीख को, यथास्थिति, लोक अभियोजक या मामले का परिवादी और अभियुक्त हाजिर होते हैं, वहां न्यायालय अपना समाधान करने के लिए कि अभियुक्त ने आवेदन स्वेच्छा से दाखिल किया है, अभियुक्त की बंद कमरे में परीक्षा करेगा, जहां मामले का दूसरा पक्षकार उपस्थित नहीं होगा और जहां—

(क) न्यायालय का यह समाधान हो जाता है कि वह आवेदन अभियुक्त द्वारा स्वेच्छा से फाइल किया गया है, वहां वह, यथास्थिति, लोक अभियोजक या परिवादी और अभियुक्त को मामले के पारस्परिक संतोषप्रद निपटाने के लिए समय देगा जिसमें अभियुक्त द्वारा पीड़ित व्यक्ति को मामले के दौरान प्रतिकर और अन्य खर्च देना सम्मिलित है और तत्पश्चात् मामले की आगे सुनवाई के लिए तारीख नियत करेगा;

(ख) न्यायालय को यह पता चलता है कि आवेदन अभियुक्त द्वारा स्वेच्छा से फाइल नहीं किया गया है, या उसे किसी न्यायालय द्वारा किसी मामले में जिसमें उस पर उसी अपराध का आरोप था, सिद्धदोष ठहराया गया है तो वह इस संहिता के उपबंधों के अनुसार, उस प्रक्रम से जहां उपधारा (1) के अधीन ऐसा आवेदन फाइल किया गया है, आगे कार्यवाही करेगा ।

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