दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/अध्याय 21क/303 / 534
265ञव्यावृत्ति
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इस अध्याय के उपबंध इस संहिता के किन्हीं अन्य उपबंधों में अन्तर्विष्ट उनसे असंगत किसी बात के होते हुए भी प्रभावी होंगे और ऐसे अन्य उपबंधों में किसी बात का यह अर्थ नहीं लगाया जाएगा कि वह इस अध्याय के किसी उपबंध के अर्थ को सीमित करती है ।
स्पष्टीकरण—इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए, “लोक अभियोजक” पद का वही अर्थ होगा जो धारा 2 के खंड (प) के अधीन उसका है और इसमें धारा 25 के अधीन नियुक्त सहायक लोक अभियोजक सम्मिलित है ।
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