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दंड प्रक्रिया संहिता, 1973

दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/अध्याय 29/422 / 534

377राज्य सरकार द्वारा दंडादेश के विरुद्ध अपील

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 111–112स्रोत

(1) उपधारा (2) में जैसा उपबंधित है उसके सिवाय राज्य सरकार, उच्च न्यायालय से भिन्न किसी न्यायालय द्वारा किए गए विचारण में दोषसिद्धि के किसी मामले में लोक अभियोजक को दंडादेश की [अपर्याप्तता के आधार पर उसके विरुद्ध—

(क) सेशन न्यायालय में, यदि दंडादेश किसी मजिस्ट्रेट द्वारा पारित किया जाता है ; और

(ख) उच्च न्यायालय में, यदि दंडादेश किसी अन्य न्यायालय द्वारा पारित किया जाता है,

अपील प्रस्तुत करने का निदेश दे सकती है]

(2) यदि ऐसी दोषसिद्धि किसी ऐसे मामले में है जिसमें अपराध का अन्वेषण दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन अधिनियम, [1946 (1946 का 25) के अधीन गठित दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन द्वारा या इस संहिता से भिन्न किसी केन्द्रीय अधिनियम के अधीन अपराध का अन्वेषण करने के लिए सशक्त किसी अन्य अभिकरण द्वारा किया गया है तो [केन्द्रीय सरकार भी] लोक अभियोजक को दंडादेश की [अपर्याप्तता के आधार पर उसके विरुद्ध—

(क) सेशन न्यायालय में, यदि दंडादेश किसी मजिस्ट्रेट द्वारा पारित किया जाता है ; और

(ख) उच्च न्यायालय में, यदि दंडादेश किसी अन्य न्यायालय द्वारा पारित किया जाता है,

अपील प्रस्तुत करने का निदेश दे सकती है]

(3) जब दंडादेश के विरुद्ध अपर्याप्तता के आधार पर अपील की गई है तब [यथास्थिति, सेशन न्यायालय या उच्च न्यायालय] उस दंडादेश में वृद्धि तब तक नहीं करेगा जब तक कि अभियुक्त को ऐसी वृद्धि के विरुद्ध कारण दर्शित करने का युक्तियुक्त अवसर नहीं दे दिया गया है और कारण दर्शित करते समय अभियुक्त अपनी दोषमुक्ति के लिए या दंडादेश में कमी करने के लिए अभिवचन कर सकता है।

संशोधन टिप्पणियां

  1. 2005 के अधिनियम सं० 25 की धारा 31 द्वारा कतिपय शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  2. 1978 के अधिनियम सं० 45 की धारा 29 द्वारा “केन्द्रीय सरकार” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  3. 2005 के अधिनियम सं० 25 की धारा 31 द्वारा कतिपय शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  4. 2005 के अधिनियम सं० 25 की धारा 31 द्वारा “उच्च न्यायालय” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।

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