दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/अध्याय 29/419 / 534
374दोषसिद्धि से अपील
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 111स्रोत
(1) कोई व्यक्ति जो उच्च न्यायालय द्वारा असाधारण आरंभिक दांडिक अधिकारिता के प्रयोग में किए गए विचारण में दोषसिद्ध किया गया है, उच्चतम न्यायालय में अपील कर सकता है।
(2) कोई व्यक्ति जो सेशन न्यायाधीश या अपर सेशन न्यायाधीश द्वारा किए गए विचारण में या किसी अन्य न्यायालय द्वारा किए गए विचारण में दोषसिद्ध किया गया है, जिसमें सात वर्ष से अधिक के कारावास का दंडादेश [उसके विरुद्ध या उसी विचारण में दोषसिद्ध किए गए किसी अन्य व्यक्ति के विरुद्ध दिया गया है] उच्च न्यायालय में अपील कर सकता है ।
(3) उपधारा (2) में जैसा उपबंधित है उसके सिवाय, कोई व्यक्ति,—
(क) जो महानगर मजिस्ट्रेट या सहायक सेशन न्यायाधीश या प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट या द्वितीय वर्ग मजिस्ट्रेट द्वारा किए गए विचारण में दोषसिद्ध किया गया है, अथवा
(ख) जो धारा 325 के अधीन दंडादिष्ट किया गया है, अथवा
(ग) जिसके बारे में किसी मजिस्ट्रेट द्वारा धारा 360 के अधीन आदेश दिया गया है या दंडादेश पारित किया गया है, सेशन न्यायालय में अपील कर सकता है।
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- 1978 के अधिनियम सं० 45 की धारा 28 द्वारा “दिया गया है” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
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