भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 31/415 / 531
415दोषसिद्धि से अपील
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 334स्रोत
(1) कोई व्यक्ति जो उच्च न्यायालय द्वारा अपनी असाधारण आरंभिक दांडिक अधिकारिता के प्रयोग में किए गए विचारण में दोषसिद्ध किया गया है, उच्चतम न्यायालय में अपील कर सकेगा ।
(2) कोई व्यक्ति जो सेशन न्यायाधीश या अपर सेशन न्यायाधीश द्वारा किए गए विचारण में या किसी अन्य न्यायालय द्वारा किए गए विचारण में दोषसिद्ध किया गया है, जिसमें सात वर्ष से अधिक के कारावास का दंडादेश उसके विरुद्ध या उसी विचारण में दोषसिद्ध किए गए किसी अन्य व्यक्ति के विरुद्ध दिया गया है उच्च न्यायालय में अपील कर सकेगा ।
(3) उपधारा (2) में जैसा उपबंधित है उसके सिवाय, कोई व्यक्ति,—
(क) प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट या द्वितीय वर्ग मजिस्ट्रेट द्वारा किए गए विचारण में दोषसिद्ध किया गया है ; या
(ख) जो धारा 364 के अधीन दंडादिष्ट किया गया है ; या
(ग) जिसके बारे में किसी मजिस्ट्रेट द्वारा धारा 401 के अधीन आदेश दिया गया है या दंडादेश पारित किया गया है, सेशन न्यायालय में अपील कर सकेगा ।
(4) जब कोई अपील, भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 64, धारा 65, धारा 66, धारा 67, धारा 68, धारा 70 या धारा 71 के अधीन पारित किसी कारावास के विरुद्ध फाइल की गई है, तो अपील फाइल करने की तारीख से छह मास की अवधि के भीतर ऐसी अपील का निपटारा किया जाएगा ।
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