भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 31/419 / 531
419दोषमुक्ति की दशा में अपील
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 336–337स्रोत
(1) उपधारा (2) में जैसा अन्यथा उपबंधित है, उसके सिवाय, और उपधारा (3) और उपधारा (5) के उपबंधों के अधीन रहते हुए,—
(क) जिला मजिस्ट्रेट, किसी मामले में, लोक अभियोजक को किसी संज्ञेय और अजमानतीय अपराध के संबंध में किसी मजिस्ट्रेट द्वारा पारित दोषमुक्ति के आदेश से सेशन न्यायालय में अपील प्रस्तुत करने का निदेश दे सकेगा ;
(ख) राज्य सरकार, किसी मामले में लोक अभियोजक को उच्च न्यायालय से भिन्न किसी न्यायालय द्वारा पारित दोषमुक्ति के मूल या अपीली आदेश से जो खंड (क) के अधीन आदेश नहीं है या पुनरीक्षण में सेशन न्यायालय द्वारा पारित दोषमुक्ति के आदेश से उच्च न्यायालय में,
अपील प्रस्तुत करने का निदेश दे सकेगी ।
(2) यदि ऐसा दोषमुक्ति का आदेश किसी ऐसे मामले में पारित किया जाता है जिसमें अपराध का इस संहिता से भिन्न किसी केन्द्रीय अधिनियम के अधीन अपराध का अन्वेषण करने के लिए सशक्त किसी अन्य अभिकरण द्वारा किया गया है, तो केन्द्रीय सरकार उपधारा (3) के उपबंधों के अधीन रहते हुए, लोक अभियोजक को-
(क) दोषमुक्ति के ऐसे आदेश से, जो संज्ञेय और अजमानतीय अपराध के संबंध में किसी मजिस्ट्रेट द्वारा पारित किया गया है सेशन न्यायालय में ;
(ख) दोषमुक्ति के ऐसे मूल या अपीली आदेश से, जो किसी उच्च न्यायालय से भिन्न किसी न्यायालय द्वारा पारित किया गया है जो खंड (क) के अधीन आदेश नहीं है या दोषमुक्ति के ऐसे आदेश से, जो पुनरीक्षण में सेशन न्यायालय द्वारा पारित किया गया है, उच्च न्यायालय में,
अपील प्रस्तुत करने का निदेश दे सकेगी ।
(3) उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन उच्च न्यायालय को कोई अपील उच्च न्यायालय की अनुमति के बिना ग्रहण नहीं की जाएगी ।
(4) यदि दोषमुक्ति का ऐसा आदेश परिवाद पर संस्थित किसी मामले में पारित किया गया है और उच्च न्यायालय, परिवादी द्वारा उससे इस निमित्त आवेदन किए जाने पर, दोषमुक्ति के आदेश की अपील करने की विशेष अनुमति देता है तो परिवादी ऐसी अपील उच्च न्यायालय में प्रस्तुत कर सकेगा ।
(5) दोषमुक्ति के आदेश से अपील करने की विशेष अनुमति दिए जाने के लिए उपधारा (4) के अधीन कोई आवेदन उच्च न्यायालय द्वारा, उस दशा में जिसमें परिवादी लोक सेवक है उस दोषमुक्ति के आदेश की तारीख से संगणित, छह मास की समाप्ति के पश्चात् और प्रत्येक अन्य दशा में ऐसे संगणित साठ दिन की समाप्ति के पश्चात् ग्रहण नहीं किया जाएगा ।
(6) यदि किसी मामले में दोषमुक्ति के आदेश से अपील करने की विशेष अनुमति दिए जाने के लिए उपधारा (4) के अधीन कोई आवेदन नामंजूर किया जाता है, तो उस दोषमुक्ति के आदेश से उपधारा (1) के अधीन या उपधारा (2) के अधीन कोई अपील नहीं होगी ।
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