दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/अध्याय 33/497 / 534
447प्रतिभू के दिवालिया हो जाने या उसकी मृत्यु हो जाने या बंधपत्र का समपहरण हो जाने की दशा में प्रक्रिया
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 129स्रोत
जब इस संहिता के अधीन बंधपत्र का कोई प्रतिभू दिवालिया हो जाता है या मर जाता है अथवा जब किसी बंधपत्र का धारा 446 के उपबंधों के अधीन समपहरण हो जाता है तब वह न्यायालय, जिसके आदेश से ऐसा बंधपत्र लिया गया था या प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट उस व्यक्ति को, जिससे ऐसी प्रतिभूति मांगी गई थी, यह आदेश दे सकता है कि वह मूल आदेश के निदेशों के अनुसार नई प्रतिभूति दे और यदि ऐसी प्रतिभूति न दी जाए तो वह न्यायालय या मजिस्ट्रेट ऐसे कार्यवाही कर सकता है मानो उस मूल आदेश के अनुपालन में व्यतिक्रम किया गया है।
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