दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/अध्याय 33/489 / 534
441अभियुक्त और प्रतिभुओं का बंधपत्र
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 127स्रोत
(1) किसी व्यक्ति के जमानत पर छोड़े जाने या अपने बंधपत्र पर छोड़े जाने के पूर्व उस व्यक्ति द्वारा, और जब वह जमानत पर छोड़ा जाता है तब एक या अधिक पर्याप्त प्रतिभुओं द्वारा इतनी धनराशि के लिए जितनी, यथास्थिति, पुलिस अधिकारी या न्यायालय पर्याप्त समझे, इस शर्त का बंधपत्र निष्पादित किया जाएगा कि ऐसा व्यक्ति बंधपत्र में वर्णित समय और स्थान पर हाजिर होगा और जब तक, यथास्थिति, पुलिस अधिकारी या न्यायालय द्वारा अन्यथा निदेश नहीं दिया जाता है इस प्रकार बराबर हाजिर होता रहेगा।
(2) जहां किसी व्यक्ति को जमानत पर छोड़ने के लिए कोई शर्त अधिरोपित की गई है, वहां बंधपत्र में वह शर्त भी अंतर्विष्ट होगी ।
(3) यदि मामले से ऐसा अपेक्षित है तो बंधपत्र द्वारा, जमानत पर छोड़े गए व्यक्ति को अपेक्षा किए जाने पर आरोप का उत्तर देने के लिए उच्च न्यायालय, सेशन न्यायालय या अन्य न्यायालय में हाजिर होने के लिए भी आबद्ध किया जाएगा ।
(4) यह अवधारित करने के प्रयोजन के लिए कि क्या प्रतिभू उपयुक्त या पर्याप्त है अथवा नहीं, न्यायालय शपथपत्रों को प्रतिभुओं के पर्याप्त या उपयुक्त होने के बारे में उनमें अन्तर्विष्ट बातों के सबूत के रूप में, स्वीकार कर सकता है अथवा यदि न्यायालय आवश्यक समझे तो वह ऐसे पर्याप्त या उपयुक्त होने के बारे में या तो स्वयं जांच कर सकता है या अपने अधीनस्थ किसी मजिस्ट्रेट से जांच करवा सकता है।
यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।