दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/अध्याय 33/493 / 534
444प्रतिभुओं का उन्मोचन
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 128स्रोत
(1) जमानत पर छोड़े गए व्यक्ति की हाजिरी और उपस्थिति के लिए प्रतिभुओं में से सब या कोई बंधपत्र के या तो पूर्णतया या वहां तक, जहां तक वह आवेदकों से संबंधित है, प्रभावोन्मुक्त किए जाने के लिए किसी समय मजिस्ट्रेट से आवेदन कर सकते हैं ।
(2) ऐसा आवेदन किए जाने पर मजिस्ट्रेट यह निदेश देते हुए गिरफ्तारी का वारण्ट जारी करेगा कि ऐसे छोड़े गए व्यक्ति को उसके समक्ष लाया जाए।
(3) वारण्ट के अनुसरण में ऐसे व्यक्ति के हाजिर होने पर या उसके स्वेच्छया अभ्यर्पण करने पर मजिस्ट्रेट बंधपत्र के या तो पूर्णतया या, वहां तक, जहां तक कि वह आवेदकों से संबंधित है, प्रभावोन्मुक्त किए जाने का निदेश देगा और ऐसे व्यक्ति से अपेक्षा करेगा कि वह अन्य पर्याप्त प्रतिभू दे और यदि वह ऐसा करने में असफल रहता है तो उसे जेल सुपुर्द कर सकता है।
यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।