भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 35/485 / 531
485अभियुक्त और प्रतिभुओं का बंधपत्र
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 361–362स्रोत
(1) किसी व्यक्ति को बंधपत्र पर या जमानतपत्र पर छोड़े जाने के पूर्व, उस व्यक्ति द्वारा, इतनी धनराशि के लिए जितनी, यथास्थिति, पुलिस अधिकारी या न्यायालय पर्याप्त समझे, बंधपत्र निष्पादित किया जाएगा, और जब उसे बंधपत्र या जमानतपत्र पर छोड़ा जाएगा तो एक या अधिक पर्याप्त प्रतिभूओं द्वारा यह सशर्त माना जाएगा कि ऐसा व्यक्ति बंधपत्र में वर्णित समय और स्थान पर उपस्थित होगा और जब तक, यथास्थिति, पुलिस अधिकारी या न्यायालय द्वारा अन्यथा निदेश नहीं दिया जाता है इस प्रकार निरंतर उपस्थित होता रहेगा ।
(2) जहां किसी व्यक्ति को जमानत पर छोड़ने के लिए कोई शर्त अधिरोपित की गई है, वहां बंधपत्र या जमानतपत्र में वह शर्त भी अंतर्विष्ट होगी ।
(3) यदि मामले से ऐसा अपेक्षित है, तो बंधपत्र या जमानतपत्र द्वारा, जमानत पर छोड़े गए व्यक्ति को अपेक्षा किए जाने पर आरोप का उत्तर देने के लिए उच्च न्यायालय, सेशन न्यायालय या अन्य न्यायालय में उपस्थित होने के लिए भी आबद्ध किया जाएगा ।
(4) यह अवधारित करने के प्रयोजन के लिए कि क्या प्रतिभू उपयुक्त या पर्याप्त है या नहीं, न्यायालय शपथपत्रों को, प्रतिभुओं के पर्याप्त या उपयुक्त होने के बारे में उनमें अन्तर्विष्ट बातों के सबूत के रूप में, स्वीकार कर सकेगा या यदि न्यायालय आवश्यक समझे तो वह ऐसे पर्याप्त या उपयुक्त होने के बारे में या तो स्वयं जांच कर सकेगा या अपने अधीनस्थ किसी मजिस्ट्रेट से जांच करवा सकेगा ।
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