भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 35/492 / 531
492बंधपत्र और जमानतपत्र का रद्दकरण
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 364स्रोत
धारा 491 के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, जहां इस संहिता के अधीन कोई बंधपत्र या जमानतपत्र किसी मामले में उपस्थित होने के लिए है और उसकी किसी शर्त के भंग होने के कारण उसकी जब्ती हो जाती है, वहां—
(क) ऐसे व्यक्ति द्वारा निष्पादित बंधपत्र तथा उस मामले में उसके प्रतिभुओं द्वारा निष्पादित एक या अधिक बंधपत्र भी, यदि कोई हों, रद्द हो जाएंगे ; और
(ख) तत्पश्चात् ऐसा कोई व्यक्ति, उस मामले में केवल अपने ही बंधपत्र पर छोड़ा नहीं जाएगा यदि, यथास्थिति, पुलिस अधिकारी या न्यायालय का, जिसके समक्ष उपस्थित होने के लिए बंधपत्र निष्पादित किया गया था, यह समाधान हो जाता है कि बंधपत्र की शर्त का अनुपालन करने में असफल रहने के लिए बंधपत्र से आबद्ध व्यक्ति के पास कोई पर्याप्त कारण नहीं था :
परन्तु इस संहिता के किसी अन्य उपबंध के अधीन रहते हुए, उसे उस मामले में उस दशा में छोड़ा जा सकेगा जब वह ऐसी धनराशि के लिए कोई नया व्यक्तिगत बंधपत्र निष्पादित कर दे और ऐसे एक या अधिक प्रतिभुओं से बंधपत्र निष्पादित करा दे जो, यथास्थिति, पुलिस अधिकारी या न्यायालय पर्याप्त समझे ।
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