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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 35/487 / 531

487अभिरक्षा से उन्मोचन

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 362स्रोत

(1) ज्यों ही बंधपत्र या जमानतपत्र निष्पादित कर दिया जाता है, त्यों ही वह व्यक्ति, जिसकी उपस्थिति के लिए वह निष्पादित किया गया है, छोड़ दिया जाएगा, और जब वह कारागार में हो तब उसकी जमानत मंजूर करने वाला न्यायालय जेल के भारसाधक अधिकारी को उसके छोड़े जाने के लिए आदेश जारी करेगा, और वह अधिकारी आदेश की प्राप्ति पर उसे छोड़ देगा ।

(2) इस धारा की या धारा 478 या धारा 480 की कोई भी बात, किसी ऐसे व्यक्ति के छोड़े जाने की अपेक्षा करने वाली न समझी जाएगी जो ऐसी बात के लिए निरुद्ध किए जाने का भागी है जो उस बात से भिन्न है जिसके बारे में बंधपत्र या जमानतपत्र निष्पादित किया गया है ।

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