भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 8/120 / 531
120कतिपय मामलों में संपत्ति की जब्ती
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 202–203स्रोत
(1) न्यायालय, धारा 119 के अधीन जारी की गई कारण बताओ सूचना के
स्पष्टीकरण पर, यदि कोई हो, और उसके समक्ष उपलब्ध सामग्रियों पर विचार करने के पश्चात् तथा प्रभावित व्यक्ति को (और ऐसे मामले में जहां प्रभावित व्यक्ति सूचना में विनिर्दिष्ट कोई संपत्ति किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से धारित करता है वहां ऐसे अन्य व्यक्ति को भी) सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर देने के पश्चात्, आदेश द्वारा, अपना यह निष्कर्ष अभिलिखित करेगा कि प्रश्नगत सभी या कोई संपत्ति अपराध से प्राप्त आगम है या नहीं :
परंतु यदि प्रभावित व्यक्ति (और मामले में जहां प्रभावित व्यक्ति सूचना में विनिर्दिष्ट कोई संपत्ति किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से धारित करता है वहां ऐसा अन्य व्यक्ति भी) न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं होता है या कारण बताओ सूचना में विनिर्दिष्ट तीस दिन की अवधि के भीतर उसके समक्ष अपना मामला निरुपित नहीं करता है तो न्यायालय, अपने समक्ष उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर इस उपधारा के अधीन एकपक्षीय निष्कर्ष अभिलिखित करने के लिए अग्रसर हो सकेगा ।
(2) जहां न्यायालय का यह समाधान हो जाता है कि कारण बताओ सूचना में निर्दिष्ट संपत्ति में से कुछ अपराध से प्राप्त आगम है किंतु ऐसी संपत्ति की विनिर्दिष्ट रूप से पहचान करना संभव नहीं है वहां न्यायालय के लिए ऐसी संपत्ति को विनिर्दिष्ट करना जो उसके सर्वोत्तम निर्णय के अनुसार अपराध से प्राप्त आगम है और तदनुसार उपधारा (1) के अधीन निष्कर्ष अभिलिखित करना विधिपूर्ण होगा ।
(3) जहां न्यायालय इस धारा के अधीन इस आशय का निष्कर्ष अभिलिखित करता है कि कोई संपत्ति अपराध से प्राप्त आगम है वहां ऐसी संपत्ति सभी ऋणभारों से मुक्त होकर केंद्रीय सरकार द्वारा जब्त की जाएगी ।
(4) जहां किसी कंपनी के कोई शेयर इस धारा के अधीन केंद्रीय सरकार द्वारा जब्त कर लिए जाते हैं वहां कंपनी अधिनियम, 203 में या कंपनी के संगम-अनुच्छेद में किसी बात के होते हुए भी, कंपनी केंद्रीय सरकार को ऐसे शेयरों के अंतरिती के रूप में तुरंत रजिस्टर करेगी ।
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