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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 33/448 / 531

448मामलों और अपीलों को अन्तरित करने की सेशन न्यायाधीश की शक्ति

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 347स्रोत

(1) जब कभी सेशन न्यायाधीश को यह प्रतीत कराया जाता है कि न्याय के उद्देश्यों के लिए यह समीचीन है कि इस उपधारा के अधीन आदेश दिया जाए, तब वह आदेश दे सकेगा कि कोई विशिष्ट मामला उसके सेशन खंड में एक दंड न्यायालय से दूसरे दंड न्यायालय को अन्तरित कर दिया जाए ।

(2) सेशन न्यायाधीश निचले न्यायालय की रिपोर्ट पर या किसी हितबद्ध पक्षकार के आवेदन पर या स्वप्रेरणा पर कार्रवाई कर सकेगा ।

(3) धारा 447 की उपधारा (3), उपधारा (4), उपधारा (5), उपधारा (6), उपधारा (7) और उपधारा (9) के उपबंध, उपधारा (1) के अधीन किसी आदेश के लिए सेशन न्यायाधीश को आवेदन के संबंध में वैसे ही लागू होंगे, जैसे वे धारा 447 की उपधारा (1) के अधीन आदेश के लिए उच्च न्यायालय को आवेदन के संबंध में लागू होते हैं, सिवाय इसके कि उस धारा की उपधारा (7) इस प्रकार लागू होगी, मानो उसमें आने वाले “राशि” शब्द के स्थान पर, “दस हजार रुपए से अनधिक की राशि” शब्द रख दिए गए हैं ।

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