दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/अध्याय 34/501 / 534
451कुछ मामलों में विचारण लंबित रहने तक सम्पत्ति की अभिरक्षा और व्ययन के लिए आदेश
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 129स्रोत
जब कोई सम्पत्ति, किसी दंड न्यायालय के समक्ष किसी जांच या विचारण के दौरान पेश की जाती है तब वह न्यायालय उस जांच या विचारण के समाप्त होने तक ऐसी सम्पत्ति की उचित अभिरक्षा के लिए ऐसा आदेश, जैसा वह ठीक समझे, कर सकता है और यदि वह सम्पत्ति शीघ्रतया या प्रकृत्या क्षयशील है या यदि ऐसा करना अन्यथा समीचीन है तो वह न्यायालय, ऐसा साक्ष्य अभिलिखित करने के पश्चात् जैसा वह आवश्यक समझे, उसके विक्रय या उसका अन्यथा व्ययन किए जाने के लिए आदेश कर सकता है ।
स्पष्टीकरण—इस धारा के प्रयोजन के लिए “सम्पत्ति” के अन्तर्गत निम्नलिखित है,—
(क) किसी भी किस्म की सम्पत्ति या दस्तावेज जो न्यायालय के समक्ष पेश की जाती है या जो उसकी अभिरक्षा में है
(ख) कोई भी सम्पत्ति जिसके बारे में कोई अपराध किया गया प्रतीत होता है या जो किसी अपराध के करने में प्रयुक्त की गई प्रतीत होती है।
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