भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 8/165 / 570
153कककिसी जलूस में जानबूझकर आयुध ले जाने या किसी सामूहिक ड्रिल या सामूहिक प्रशिक्षण का आयुध सहित संचालन या आयोजन करना या उसमें भाग लेना
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 28स्रोत
यह धारा बदल दी गई है
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
नए कानून में यह धारा नहीं रखी गई1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।
जो कोई किसी सार्वजनिक स्थान में, दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा 144क के अधीन जारी की गई किसी लोक सूचना या किए गए किसी आदेश के उल्लंघन में किसी जलूस में जानबूझकर आयुध ले जाता है या सामूहिक ड्रिल या सामूहिक प्रशिक्षण का आयुध सहित जानबूझकर संचालन या आयोजन करता है या उसमें भाग लेता है तो वह कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी और जुर्माने से, जो दो हजार रुपए तक का हो सकेगा, दंडित किया जाएगा ।
स्पष्टीकरण—“आयुध” से अपराध या सुरक्षा के लिए हथियार के रूप में डिजाइन की गई या अपनाई गई किसी भी प्रकार की कोई वस्तु अभिप्रेत है और इसके अन्तर्गत अग्नि शस्त्र, नुकीली धार वाले हथियार, लाठी, डंडा और छड़ी भी है ।]
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- 2005 के अधिनियम सं० 25 की धारा 44 द्वारा अंतःस्थापित ।
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