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भारतीय न्याय संहिता, 2023

हिंदी में, धारा-दर-धारा

भारतीय न्याय संहिता, 2023

भारतीय न्याय संहिता, 2023 की हर धारा का आधिकारिक हिंदी पाठ। भारतीय दंड संहिता, 1860 से इसकी धाराओं का मिलान जल्द।

भारतीय न्याय संहिता, 2023

धाराएं358
अध्याय20
पाठ उपलब्ध358
सत्यापित0

भारतीय दंड संहिता, 1860 से धाराओं का मिलान अभी बाकी है। हर पाठ आधिकारिक PDF से लिया गया है; "सत्यापित" धाराएं उससे मिलाकर जांची जा चुकी हैं।यह पाठ कैसे बना

धारा 1 से पढ़ें

अध्याय 1 — प्रारंभिक3

अध्याय 2 — दण्डों के विषय में10

अध्याय 3 — साधारण अपवाद31

धारा 14विधि द्वारा आबद्ध या तथ्य की भूल के कारण अपने आप को विधि द्वारा आबद्ध होने का विश्वास करने वाले व्यक्ति द्वारा किया गया कार्यधारा 15न्यायिक रूप से कार्य करते हुए न्यायाधीश का कार्यधारा 16न्यायालय के निर्णय या आदेश के अनुसरण में किया गया कार्यधारा 17विधि द्वारा न्यायानुमत या तथ्य की भूल से अपने को विधि द्वारा न्यायानुमत होने का विश्वास करने वाले व्यक्ति द्वारा किया गया कार्यधारा 18विधिपूर्ण कार्य करने में दुर्घटनाधारा 19कार्य, जिससे अपहानि कारित होना संभाव्य है, किंतु जो आपराधिक आशय के बिना और अन्य अपहानि के निवारण के लिए किया गया हैधारा 20सात वर्ष से कम आयु के शिशु का कार्यधारा 21सात वर्ष से ऊपर, किंतु बारह वर्ष से कम आयु के अपरिपक्व समझ के शिशु का कार्यधारा 22विकृत्तचित्त व्यक्ति का कार्यधारा 23ऐसे व्यक्ति का कार्य जो अपनी इच्छा के विरुद्ध मत्तता में होने के कारण निर्णय पर पहुंचने में असमर्थ हैधारा 24किसी व्यक्ति द्वारा, जो मत्तता में है, किया गया अपराध, जिसमें विशिष्ट आशय या ज्ञान का होना अपेक्षित हैधारा 25सम्मति से किया गया कार्य जिससे मृत्यु या घोर उपहति कारित करने का आशय न हो और न उसकी संभाव्यता का ज्ञान होधारा 26किसी व्यक्ति के फायदे के लिए सम्मति से सद्भावपूर्वक किया गया कार्य, जिससे मृत्यु कारित करने का आशय नहीं हैधारा 27संरक्षक द्वारा या उसकी सम्मति से शिशु या विकृत्तचित्त व्यक्ति के फायदे के लिए सद्भावपूर्वक किया गया कार्यधारा 28सम्मति, जिसके संबंध में यह ज्ञात हो कि वह भय या भ्रम के अधीन दी गई हैधारा 29ऐसे कार्यों का अपवर्जन जो कारित अपहानि के बिना भी स्वतः अपराध हैंधारा 30सम्मति के बिना किसी व्यक्ति के फायदे के लिए सद्भावपूर्वक किया गया कार्यधारा 31सद्भावपूर्वक दी गई संसूचनाधारा 32वह कार्य जिसको करने के लिए कोई व्यक्ति धमकियों द्वारा विवश किया गया हैधारा 33तुच्छ अपहानि कारित करने वाला कार्यधारा 34प्राइवेट प्रतिरक्षा में की गई बातेंधारा 35शरीर और संपत्ति की प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकारधारा 36ऐसे व्यक्ति के कार्य के विरुद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार जो विकृत्तचित्त, आदि होधारा 37कार्य, जिनके विरुद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा का कोई अधिकार नहीं हैधारा 38शरीर की प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का विस्तार मृत्यु कारित करने पर कब होता हैधारा 39कब ऐसे अधिकार का विस्तार मृत्यु से भिन्न कोई अपहानि कारित करने तक का होता हैधारा 40शरीर की प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का प्रारंभ होना और बना रहनाधारा 41कब संपत्ति की प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का विस्तार मृत्यु कारित करने तक का होता हैधारा 42ऐसे अधिकार का विस्तार मृत्यु से भिन्न कोई अपहानि कारित करने तक का कब होता हैधारा 43सम्पत्ति की प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का प्रारंभ होना और बना रहनाधारा 44घातक हमले के विरुद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार, जबकि निर्दोष व्यक्ति को अपहानि होने का जोखिम है

अध्याय 4 — दुष्प्रेरण, आपराधिक षड्यंत्र और प्रयत्न के विषय में18

धारा 45किसी बात का दुष्प्रेरणधारा 46दुष्प्रेरकधारा 47भारत से बाहर के अपराधों का भारत में दुष्प्रेरणधारा 48भारत में अपराध के लिए भारत से बाहर दुष्प्रेरणधारा 49दुष्प्रेरण का दण्ड, यदि दुष्प्रेरित कार्य उसके परिणामस्वरूप किया जाए और जहां कि उसके दण्ड के लिए कोई अभिव्यक्त उपबन्ध नहीं हैधारा 50दुष्प्रेरण का दण्ड, यदि दुष्प्रेरित व्यक्ति दुष्प्रेरक के आशय से भिन्न आशय से कार्य करता हैधारा 51दुष्प्रेरक का दायित्व जब एक कार्य का दुष्प्रेरण किया गया है और उससे भिन्न कार्य किया गया हैधारा 52दुष्प्रेरक कब दुष्प्रेरित कार्य के लिए और किए गए कार्य के लिए आकलित दण्ड से दण्डनीय हैधारा 53दुष्प्रेरित कार्य से कारित उस प्रभाव के लिए दुष्प्रेरक का दायित्व जो दुष्प्रेरक द्वारा आशयित से भिन्न होधारा 54अपराध किए जाते समय दुष्प्रेरक की उपस्थितिधारा 55मृत्यु या आजीवन कारावास से दण्डनीय अपराध का दुष्प्रेरणधारा 56कारावास से दण्डनीय अपराध का दुष्प्रेरणधारा 57जनसाधारण द्वारा या दस से अधिक व्यक्तियों द्वारा अपराध किए जाने का दुष्प्रेरणधारा 58मृत्यु या आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध करने की परिकल्पना को छिपानाधारा 59किसी ऐसे अपराध के किए जाने की परिकल्पना का लोक सेवक द्वारा छिपाया जाना, जिसका निवारण करना उसका कर्तव्य हैधारा 60कारावास से दंडनीय अपराध करने की परिकल्पना को छिपानाधारा 61आपराधिक षड्यंत्रधारा 62आजीवन कारावास या अन्य कारावास से दण्डनीय अपराधों को करने का प्रयत्न करने के लिए दण्ड

अध्याय 5 — महिला और शिशु के विरुद्ध अपराधों के विषय में37

धारा 63बलात्संगधारा 64बलात्संग के लिए दंडधारा 65कतिपय मामलों में बलात्संग के लिए दंडधारा 66पीड़िता की मृत्यु या सतत् विकृतशील दशा कारित करने के लिए दंडधारा 67पृथक्करण के दौरान पति द्वारा अपनी पत्नी के साथ मैथुनधारा 68प्राधिकार में किसी व्यक्ति द्वारा मैथुनधारा 69प्रवंचनापूर्ण साधनों, आदि का प्रयोग करके मैथुनधारा 70सामूहिक बलात्संगधारा 71पुनरावृत्तिकर्ता अपराधियों के लिए दंडधारा 72कतिपय अपराधों, आदि से पीड़ित व्यक्ति की पहचान का प्रकटीकरणधारा 73अनुमति के बिना न्यायालय की कार्यवाहियों से संबंधित किसी मामले का मुद्रण या प्रकाशन करनाधारा 74महिला की लज्जा भंग करने के आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोगधारा 75लैंगिक उत्पीड़नधारा 76विवस्त्र करने के आशय से महिला पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोगधारा 77दृश्यरतिकताधारा 78पीछा करनाधारा 79शब्द, अंगविक्षेप या कार्य, जो किसी महिला की लज्जा का अनादर करने के लिए आशयित हैधारा 80दहेज मृत्युधारा 81विधिपूर्ण विवाह की प्रवंचना से विश्वास उत्प्रेरित करने वाले पुरुष द्वारा कारित सहवासधारा 82पति या पत्नी के जीवनकाल में पुनः विवाह करनाधारा 83विधिपूर्ण विवाह के बिना कपटपूर्वक विवाह कर्म पूरा कर लेनाधारा 84विवाहित महिला को आपराधिक आशय से फुसलाकर ले जाना, या निरुद्ध रखनाधारा 85किसी महिला के पति या पति के नातेदार द्वारा उसके प्रति क्रूरता करनाधारा 86क्रूरता की परिभाषाधारा 87विवाह, आदि के करने को विवश करने के लिए किसी महिला का व्यपहरण करना, अपहरण करना या उत्प्रेरित करनाधारा 88गर्भपात कारित करनाधारा 89महिला की सम्मति के बिना गर्भपात कारित करनाधारा 90गर्भपात कारित करने के आशय से किए गए कार्य द्वारा कारित मृत्युधारा 91शिशु का जीवित पैदा होना रोकने या जन्म के पश्चात् उसकी मृत्यु कारित करने के आशय से किया गया कार्यधारा 92ऐसे कार्य द्वारा जो आपराधिक मानव वध की कोटि में आता है, किसी सजीव अजात शिशु की मृत्यु कारित करनाधारा 93शिशु के पिता या माता या उसकी देखरेख करने वाले व्यक्ति द्वारा बारह वर्ष से कम आयु के शिशु को अरक्षित डाल देना और परित्याग करनाधारा 94मृत शरीर के गुप्त व्ययन द्वारा जन्म को छिपानाधारा 95अपराध कारित करने के लिए शिशु को भाड़े पर लेना, नियोजित करना या नियुक्त करनाधारा 96शिशु का उपापनधारा 97दस वर्ष से कम आयु के शिशु के शरीर पर से चोरी करने के आशय से उसका व्यपहरण या अपहरणधारा 98वेश्यावृत्ति, आदि के प्रयोजन के लिए शिशु को बेचनाधारा 99वेश्यावृत्ति, आदि के प्रयोजनों के लिए शिशु को खरीदना

अध्याय 6 — मानव शरीर पर प्रभाव डालने वाले अपराधों के विषयों में47

धारा 100आपराधिक मानव वधधारा 101हत्याधारा 102जिस व्यक्ति की मृत्यु कारित करने का आशय था उससे भिन्न व्यक्ति की मृत्यु करके आपराधिक मानव वधधारा 103हत्या के लिए दण्डधारा 104आजीवन सिद्धदोष द्वारा हत्या के लिए दण्डधारा 105हत्या की कोटि में न आने वाले आपराधिक मानव वध के लिए दण्डधारा 106उपेक्षा द्वारा मृत्यु कारित करनाधारा 107शिशु या विकृतचित्त व्यक्ति की आत्महत्या का दुष्प्रेरणधारा 108आत्महत्या का दुष्प्रेरणधारा 109हत्या करने का प्रयत्नधारा 110आपराधिक मानव वध करने का प्रयत्नधारा 111संगठित अपराधधारा 112छोटे संगठित अपराधधारा 113आतंकवादी कृत्यधारा 114उपहतिधारा 115स्वेच्छया उपहति कारित करनाधारा 116घोर उपहतिधारा 117स्वेच्छया घोर उपहति कारित करनाधारा 118खतरनाक आयुधों या साधनों द्वारा स्वेच्छया उपहति या घोर उपहति कारित करनाधारा 119संपत्ति उद्दापित करने के लिए या अवैध कार्य कराने को मजबूर करने के लिए स्वेच्छया उपहति या घोर उपहति कारित करनाधारा 120संस्वीकृति उद्दापित करने या विवश करके संपत्ति को वापस कराने के लिए स्वेच्छया उपहति या घोर उपहति कारित करनाधारा 121लोक सेवक को अपने कर्तव्य से भयोपरत करने के लिए स्वेच्छया उपहति या घोर उपहति कारित करनाधारा 122प्रकोपन पर स्वेच्छया उपहति या घोर उपहति कारित करनाधारा 123अपराध करने के आशय से विष इत्यादि द्वारा उपहति कारित करनाधारा 124अम्ल, आदि का प्रयोग करके स्वेच्छया घोर उपहति कारित करनाधारा 125कार्य, जिससे दूसरों का जीवन या वैयक्तिक सुरक्षा संकटापन्न होधारा 126सदोष अवरोधधारा 127सदोष परिरोधधारा 128बलधारा 129आपराधिक बलधारा 130हमलाधारा 131गम्भीर प्रकोपन होने से अन्यथा हमला करने या आपराधिक बल का प्रयोग करने के लिए दण्डधारा 132लोक सेवक को अपने कर्तव्य के निर्वहन से भयोपरत करने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोगधारा 133गम्भीर प्रकोपन होने से अन्यथा किसी व्यक्ति का अनादर करने के आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोगधारा 134किसी व्यक्ति द्वारा ले जाई जाने वाली संपत्ति की चोरी के प्रयत्नों में हमला या आपराधिक बल का प्रयोगधारा 135किसी व्यक्ति का सदोष परिरोध करने के प्रयत्न में हमला या आपराधिक बल का प्रयोगधारा 136गम्भीर प्रकोपन पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोगधारा 137व्यपहरणधारा 138अपहरणधारा 139भीख मांगने के प्रयोजनों के लिए शिशु का व्यपहरण या विकलांगीकरणधारा 140हत्या करने के लिए या फिरौती, आदि के लिए व्यपहरण या अपहरणधारा 141विदेश से बालिका या बालक का आयात करनाधारा 142व्यपहृत या अपहृत व्यक्ति को सदोष छिपाना या परिरोध में रखनाधारा 143व्यक्ति का दुर्व्यापारधारा 144दुर्व्यापार किए गए किसी व्यक्ति का शोषणधारा 145दासों का आभ्यासिक व्यौहार करनाधारा 146विधिविरुद्ध अनिवार्य श्रम

अध्याय 7 — राज्य के विरुद्ध अपराधों के विषय में12

धारा 147भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करना या युद्ध करने का प्रयत्न करना या युद्ध करने का दुष्प्रेरण करनाधारा 148धारा 147 द्वारा दंडनीय अपराधों को करने का षड्यंत्रधारा 149भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करने के आशय से आयुध, आदि का संग्रह करनाधारा 150युद्ध करने की परिकल्पना को सुकर बनाने के आशय से छिपानाधारा 151किसी विधिपूर्ण शक्ति का प्रयोग करने के लिए विवश करने या उसका प्रयोग अवरोधित करने के आशय से राष्ट्रपति, राज्यपाल, आदि पर हमला करनाधारा 152भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कार्यधारा 153भारत सरकार से शांति का संबंध रखने वाले किसी विदेशी राज्य के विरुद्ध युद्ध करनाधारा 154भारत सरकार के साथ शांति का संबंध रखने वाले विदेशी राज्य के राज्यक्षेत्र में लूटपाट करनाधारा 155धारा 153 और धारा 154 में वर्णित युद्ध या लूटपाट द्वारा ली गई सम्पत्ति प्राप्त करनाधारा 156लोक सेवक का स्वेच्छया राजकैदी या युद्धकैदी को निकल भागने देनाधारा 157उपेक्षा से लोक सेवक का ऐसे कैदी का निकल भागना सहन करनाधारा 158ऐसे कैदी के निकल भागने में मदद करना, उसे छुड़ाना या संश्रय देना

अध्याय 8 — सेना, नौसेना और वायुसेना से संबंधित अपराधों के विषय में10

धारा 159विद्रोह का दुष्प्रेरण या किसी सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक को कर्तव्य से विचलित करने का प्रयत्न करनाधारा 160विद्रोह का दुष्प्रेरण, यदि उसके परिणामस्वरूप विद्रोह किया जाएधारा 161सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा अपने वरिष्ठ अधिकारी पर, जब वह अधिकारी अपने पद-निष्पादन में हो, हमले का दुष्प्रेरणधारा 162ऐसे हमले का दुष्प्रेरण, यदि हमला किया जाएधारा 163सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा अभित्यजन का दुष्प्रेरणधारा 164अभित्याजक को संश्रय देनाधारा 165मास्टर की उपेक्षा से किसी वाणिज्यिक जलयान पर छिपा हुआ अभित्याजकधारा 166सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा अनधीनता के कार्य का दुष्प्रेरणधारा 167कतिपय अधिनियमों के अध्यधीन व्यक्तिधारा 168सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली पोशाक पहनना या टोकन धारण करना

अध्याय 9 — निर्वाचन संबंधी अपराधों के विषय में9

अध्याय 10 — सिक्कों, करेंसी नोटों, बैंक नोटों और सरकारी स्टाम्पों से संबंधित अपराधों के विषय में11

धारा 178सिक्कों, सरकारी स्टांपों, करेंसी नोटों या बैंक नोटों का कूटकरणधारा 179कूटरचित या कूटकृत सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोटों या बैंक नोटों को असली के रूप में उपयोग मे लानाधारा 180कूटरचित या कूटकृत सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट को कब्जे में रखनाधारा 181सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोटों या बैंक नोटों की कूटरचना या कूटकरण के लिए उपकरण या सामग्री बनाना या कब्जे में रखनाधारा 182करेंसी नोटों या बैंक नोटों के सदृश रखने वाले दस्तावेजों की रचना या उपयोगधारा 183सरकार को हानि कारित करने के आशय से, उस पदार्थ पर से, जिस पर सरकारी स्टाम्प लगा हुआ है, लेख मिटाना या दस्तावेज से वह स्टाम्प हटाना, जो उसके लिए उपयोग में लाया गया हैधारा 184ऐसे सरकारी स्टाम्प का उपयोग, जिसके बारे में ज्ञात है कि उसका पहले उपयोग हो चुका हैधारा 185स्टाम्प के उपयोग किए जा चुकने के द्योतक चिह्न का छीलकर मिटानाधारा 186बनावटी स्टाम्पों का प्रतिषेधधारा 187टकसाल में नियोजित व्यक्ति द्वारा सिक्के का उस वजन या मिश्रण से भिन्न कारित किया जाना जो विधि द्वारा नियत हैधारा 188टकसाल से सिक्का बनाने का उपकरण विधिविरुद्ध रूप से लेना

अध्याय 11 — लोक प्रशांति के विरुद्ध अपराधों के विषय में9

धारा 189विधिविरुद्ध जमावधारा 190विधिविरुद्ध जमाव का प्रत्येक सदस्य, सामान्य उद्देश्य को अग्रसर करने के लिए किए गए अपराध का दोषीधारा 191बलवा करनाधारा 192बलवा कराने के आशय से स्वैरिता से प्रकोपन देना- यदि बलवा किया जाए; यदि बलवा न किया जाएधारा 193उस भूमि के स्वामी, अधिभोगी, आदि, का दायित्व जिस पर विधिविरुद्ध जमाव या बलवा किया गया हैधारा 194दंगाधारा 195लोक सेवक जब बलवे, आदि को दबा रहा हो, तब उस पर हमला करना या उसे बाधित करनाधारा 196धर्म, मूलवंश, जन्म-स्थान, निवास-स्थान, भाषा, आदि के आधारों पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता का संप्रवर्तन और सौहार्द बने रहने पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कार्य करनाधारा 197राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले लांछन, दृढ़कथन

अध्याय 12 — लोक सेवकों द्वारा या उनसे संबंधित अपराधों के विषय में8

अध्याय 13 — लोक सेवकों के विधिपूर्ण प्राधिकार के अवमान के विषय में21

धारा 206समनों की तामील या अन्य कार्यवाही से बचने के लिए फरार हो जानाधारा 207समन की तामील का या अन्य कार्यवाही का या उसके प्रकाशन का निवारण करनाधारा 208लोक सेवक का आदेश न मानकर अनुपस्थित रहनाधारा 209भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 84 के अधीन किसी उद्घोषणा के जवाब में अनुपस्थितधारा 210दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए विधिक रूप से आबद्ध व्यक्ति का लोक सेवक को प्रस्तुत करने का लोपधारा 211सूचना या जानकारी देने के लिए विधिक रूप से आबद्ध व्यक्ति द्वारा लोक सेवक को सूचना या जानकारी देने का लोपधारा 212मिथ्या सूचना देनाधारा 213शपथ या प्रतिज्ञान से इंकार करना, जबकि लोक सेवक द्वारा वह वैसा करने के लिए सम्यक् रूप से अपेक्षित किया जाएधारा 214प्रश्न करने के लिए प्राधिकृत लोक सेवक का उत्तर देने से इंकार करनाधारा 215कथन पर हस्ताक्षर करने से इंकारधारा 216शपथ दिलाने या प्रतिज्ञान कराने के लिए प्राधिकृत लोक सेवक के, या व्यक्ति के समक्ष शपथ या प्रतिज्ञान पर मिथ्या कथनधारा 217इस आशय से मिथ्या सूचना देना कि लोक सेवक अपनी विधिपूर्ण शक्ति का उपयोग दूसरे व्यक्ति को क्षति करने के लिए करेधारा 218लोक सेवक के विधिपूर्ण प्राधिकार द्वारा संपत्ति लिए जाने का प्रतिरोधधारा 219लोक सेवक के प्राधिकार द्वारा विक्रय के लिए प्रस्थापित की गई संपत्ति के विक्रय में बाधा डालनाधारा 220लोक सेवक के प्राधिकार द्वारा विक्रय के लिए प्रस्थापित की गई संपत्ति का अवैध क्रय या उसके लिए अवैध बोली लगानाधारा 221लोक सेवक के लोक कृत्यों के निर्वहन में बाधा डालनाधारा 222लोक सेवक की सहायता करने का लोप, जबकि सहायता देने के लिए विधि द्वारा आबद्ध होधारा 223लोक सेवक द्वारा सम्यक् रूप से प्रख्यापित आदेश की अवज्ञाधारा 224लोक सेवक को क्षति करने की धमकीधारा 225लोक सेवक से संरक्षा के लिए आवेदन करने से विरत रहने के लिए किसी व्यक्ति को उत्प्रेरित करने के लिए क्षति की धमकीधारा 226विधिपूर्ण शक्ति का प्रयोग करने या प्रयोग करने से विरत रहने के लिए आत्महत्या करने का प्रयत्न

अध्याय 14 — मिथ्या साक्ष्य और लोक न्याय के विरुद्ध अपराधों के विषय में43

धारा 227मिथ्या साक्ष्य देनाधारा 228मिथ्या साक्ष्य गढ़नाधारा 229मिथ्या साक्ष्य के लिए दंडधारा 230मृत्यु से दंडनीय अपराध के लिए दोषसिद्धि कराने के आशय से मिथ्या साक्ष्य देना या गढ़नाधारा 231आजीवन कारावास या कारावास से दंडनीय अपराध के लिए दोषसिद्धि कराने के आशय से मिथ्या साक्ष्य देना या गढ़नाधारा 232किसी व्यक्ति को मिथ्या साक्ष्य देने के लिए धमकानाधारा 233उस साक्ष्य को काम में लाना, जिसका मिथ्या होना ज्ञात हैधारा 234मिथ्या प्रमाणपत्र जारी करना या हस्ताक्षरित करनाधारा 235प्रमाणपत्र को, जिसका मिथ्या होना ज्ञात है, सत्य के रूप में काम में लानाधारा 236ऐसी घोषणा में, जो साक्ष्य के रूप में विधि द्वारा ली जा सके, किया गया मिथ्या कथनधारा 237ऐसी घोषणा का मिथ्या होना जानते हुए, उसे सत्य के रूप में काम में लानाधारा 238अपराध के साक्ष्य का विलोपन, या अपराधी को बचाने के लिए मिथ्या सूचना देनाधारा 239सूचना देने के लिए आबद्ध व्यक्ति द्वारा अपराध की सूचना देने का साशय लोपधारा 240किए गए अपराध के विषय में मिथ्या सूचना देनाधारा 241साक्ष्य के रूप में किसी दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख का प्रस्तुत किया जाना निवारित करने के लिए उसको नष्ट करनाधारा 242वाद या अभियोजन में किसी कार्य या कार्यवाही के प्रयोजन से मिथ्या प्रतिरूपणधारा 243संपत्ति को जब्त किए जाने में या निष्पादन में अभिगृहीत किए जाने से निवारित करने के लिए उसे कपटपूर्वक हटाना या छिपानाधारा 244संपत्ति पर उसके जब्त किए जाने में या निष्पादन में अभिगृहीत किए जाने से निवारित करने के लिए कपटपूर्वक दावाधारा 245ऐसी राशि के लिए, जो देय नहीं है, कपटपूर्वक डिक्री होने देना सहन करनाधारा 246बेईमानी से न्यायालय में मिथ्या दावा करनाधारा 247ऐसी राशि के लिए जो देय नहीं है, कपटपूर्वक डिक्री अभिप्राप्त करनाधारा 248क्षति करने के आशय से अपराध का मिथ्या आरोपधारा 249अपराधी को संश्रय देनाधारा 250अपराधी को दंड से बचाने के लिए उपहार, आदि लेनाधारा 251अपराधी को बचाने के प्रतिफलस्वरूप उपहार की प्रस्थापना या संपत्ति का प्रत्यावर्तनधारा 252चोरी की संपत्ति, आदि के वापस लेने में सहायता करने के लिए उपहार लेनाधारा 253ऐसे अपराधी को संश्रय देना, जो अभिरक्षा से निकल भागा है या जिसको पकड़ने का आदेश दिया जा चुका हैधारा 254लुटेरों या डाकुओं को संश्रय देने के लिए शास्तिधारा 255लोक सेवक द्वारा किसी व्यक्ति को दंड से या किसी संपत्ति के जब्ती से बचाने के आशय से विधि के निदेश की अवज्ञाधारा 256किसी व्यक्ति को दंड से या किसी संपत्ति को जब्ती से बचाने के आशय से लोक सेवक द्वारा अशुद्ध अभिलेख या लेख की रचनाधारा 257न्यायिक कार्यवाही में विधि के प्रतिकूल रिपोर्ट, आदि का लोक सेवक द्वारा भ्रष्टतापूर्वक किया जानाधारा 258प्राधिकार वाले व्यक्ति द्वारा जो यह जानता है कि वह विधि के प्रतिकूल कार्य कर रहा है, विचारण के लिए या परिरोध करने के लिए सुपुर्दगीधारा 259पकड़ने के लिए आबद्ध लोक सेवक द्वारा पकड़ने का साशय लोपधारा 260दंडादेश के अधीन या विधिपूर्वक सुपुर्द किए गए व्यक्ति को पकड़ने के लिए आबद्ध लोक सेवक द्वारा पकड़ने का साशय लोपधारा 261लोक सेवक द्वारा उपेक्षा से परिरोध या अभिरक्षा में से निकल भागना सहन करनाधारा 262किसी व्यक्ति द्वारा विधि के अनुसार अपने पकड़े जाने में प्रतिरोध या बाधाधारा 263किसी अन्य व्यक्ति के विधि के अनुसार पकड़े जाने में प्रतिरोध या बाधाधारा 264उन दशाओं में, जिनके लिए अन्यथा उपबंध नहीं है, लोक सेवक द्वारा पकड़ने का लोप करना या निकल भागना या सहन करनाधारा 265अन्यथा अनुपबंधित दशाओं में विधिपूर्वक पकड़ने में प्रतिरोध या बाधा या निकल भागना या छुड़ानाधारा 266दंड के परिहार की शर्त का अतिक्रमणधारा 267न्यायिक कार्यवाही में बैठे हुए लोक सेवक का साशय अपमान या उसके कार्य में विघ्नधारा 268असेसर का प्रतिरूपणधारा 269जमानतपत्र या बंधपत्र पर छोड़े गए व्यक्ति द्वारा न्यायालय में उपस्थित होने में असफलता

अध्याय 15 — लोक स्वास्थ्य, सुरक्षा, सुविधा, शिष्टता और सदाचार पर प्रभाव डालने वाले अपराधों के विषय में28

धारा 270लोक न्यूसेन्सधारा 271उपेक्षापूर्ण कार्य जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रमण फैलना संभाव्य होधारा 272परिद्वेषपूर्ण कार्य, जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रमण फैलना संभाव्य होधारा 273संगरोधन के नियम की अवज्ञाधारा 274विक्रय के लिए आशयित खाद्य या पेय का अपमिश्रणधारा 275हानिकर खाद्य या पेय का विक्रयधारा 276ओषधियों का अपमिश्रणधारा 277अपमिश्रित ओषधियों का विक्रयधारा 278ओषधि का भिन्न ओषधि या निर्मिति के तौर पर विक्रयधारा 279लोक जल-स्रोत या जलाशय का जल कलुषित करनाधारा 280वायुमण्डल को स्वास्थ्य के लिए हानिकर बनानाधारा 281लोक मार्ग पर उतावलेपन से वाहन चलाना या हांकनाधारा 282जलयान का उतावलेपन से चलानाधारा 283भ्रामक प्रकाश, चिह्न या बोये का प्रदर्शनधारा 284असुरक्षित या अतिभारित जलयान से भाड़े के लिए जलमार्ग से किसी व्यक्ति को ले जानाधारा 285लोक मार्ग या नौपरिवहन पथ में संकट या बाधाधारा 286विषैले पदार्थ के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरणधारा 287अग्नि या ज्वलनशील पदार्थ के सम्बन्ध में उपेक्षापूर्ण आचरणधारा 288विस्फोटक पदार्थ के बारे में उपेक्षापूर्ण आचरणधारा 289मशीनरी के सम्बन्ध में उपेक्षापूर्ण आचरणधारा 290किसी निर्माण को गिराने, उसकी मरम्मत करने या संनिर्माण करने के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरणधारा 291जीव-जन्तु के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरणधारा 292अन्यथा अनुपबन्धित मामलों में लोक न्यूसेन्स के लिए दण्डधारा 293न्यूसेन्स बन्द करने के व्यादेश के पश्चात् उसका चालू रखनाधारा 294अश्लील पुस्तकों, आदि का विक्रय आदिधारा 295शिशु को अश्लील वस्तुओं का विक्रय, आदिधारा 296अश्लील कार्य और गानेधारा 297लाटरी कार्यालय रखना

अध्याय 16 — धर्म से संबंधित अपराधों के विषय में5

अध्याय 17 — सम्पत्ति के विरुद्ध अपराधों के विषय में32

धारा 303चोरीधारा 304झपटमारीधारा 305निवास-गृह, या यातायात के साधन या पूजा स्थल, आदि में चोरीधारा 306लिपिक या सेवक द्वारा स्वामी के कब्जे में संपत्ति की चोरीधारा 307चोरी करने के लिए मृत्यु, उपहति या अवरोध कारित करने की तैयारी के पश्चात् चोरीधारा 308उद्दापनधारा 309लूटधारा 310डकैतीधारा 311मृत्यु या घोर उपहति कारित करने के प्रयत्न के साथ लूट या डकैतीधारा 312घातक आयुध से सज्जित होकर लूट या डकैती करने का प्रयत्नधारा 313लुटेरों, आदि की टोली का होने के लिए दण्डधारा 314सम्पत्ति का बेईमानी से दुर्विनियोगधारा 315ऐसी सम्पत्ति का बेईमानी से दुर्विनियोग जो मृत व्यक्ति की मृत्यु के समय उसके कब्जे में थीधारा 316आपराधिक न्यासभंगधारा 317चुराई हुई संपत्तिधारा 318छलधारा 319प्रतिरूपण द्वारा छलधारा 320लेनदारों में वितरण निवारित करने के लिए संपत्ति का बेईमानी से या कपटपूर्वक अपसारण या छिपानाधारा 321ऋण को लेनदारों के लिए उपलब्ध होने से बेईमानी से या कपटपूर्वक निवारित करनाधारा 322अन्तरण के ऐसे विलेख का, जिसमें प्रतिफल के संबंध में मिथ्या कथन अन्तर्विष्ट है, बेईमानी से या कपटपूर्वक निष्पादनधारा 323सम्पत्ति का बेईमानी से या कपटपूर्वक अपसारण या छिपाया जानाधारा 324रिष्टिधारा 325जीव-जन्तु का वध करने या उसे विकलांग करने द्वारा रिष्टिधारा 326क्षति, जलप्लावन, अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा रिष्टिधारा 327रेल, वायुयान, तल्लायुक्त या बीस टन बोझ वाले जलयान को नष्ट करने या असुरक्षित बनाने के आशय से रिष्टिधारा 328चोरी, आदि करने के आशय से जलयान को साशय भूमि या किनारे पर चढ़ा देने के लिए दंडधारा 329आपराधिक अतिचार और गृह-अतिचारधारा 330गृह-अतिचार और गृह-भेदनधारा 331गृह-अतिचार या गृह-भेदन के लिए दंडधारा 332अपराध कारित करने के लिए गृह-अतिचारधारा 333उपहति, हमला या सदोष अवरोध की तैयारी के पश्चात् गृह-अतिचारधारा 334ऐसे पात्र को, जिसमें संपत्ति है, बेईमानी से तोड़कर खोलना

अध्याय 18 — दस्तावेजों और संपत्ति चिह्नों संबंधी अपराधों के विषय में16

धारा 335मिथ्या दस्तावेज रचनाधारा 336कूटरचनाधारा 337न्यायालय के अभिलेख की या लोक रजिस्टर आदि की कूटरचनाधारा 338मूल्यवान प्रतिभूति, वसीयत, आदि की कूटरचनाधारा 339धारा 337 या धारा 338 में वर्णित दस्तावेज को, उसे कूटरचित जानते हुए और उसे असली के रूप में उपयोग में लाने का आशय रखते हुए कब्जे में रखनाधारा 340कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख और इसे असली के रूप में उपयोग में लानाधारा 341धारा 338 के अधीन दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकृत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखनाधारा 342धारा 338 में वर्णित दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के उपयोग मे लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकृति बनाना या कूटकृत चिह्नयुक्त पदार्थ को कब्जें मे रखनाधारा 343वसीयत, दत्तकग्रहण प्राधिकार-पत्र या मूल्यवान प्रतिभूति को कपटपूर्वक रद्द, नष्ट, आदि करनाधारा 344लेखा का मिथ्याकरणधारा 345सम्पत्ति-चिह्नधारा 346क्षति कारित करने के आशय से सम्पत्ति-चिह्न को बिगाड़नाधारा 347सम्पत्ति-चिह्न का कूटकरणधारा 348सम्पत्ति-चिह्न के कूटकरण के लिए कोई उपकरण बनाना या उस पर कब्जाधारा 349कूटकृत सम्पत्ति-चिह्न से चिह्नित माल का विक्रयधारा 350किसी ऐसे पात्र के ऊपर मिथ्या चिह्न बनाना जिसमें माल रखा है

अध्याय 19 — आपराधिक अभित्रास, अपमान, क्षोभ, मानहानि, आदि के विषय में7

अध्याय 20 — निरसन और व्यावृत्ति1

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