भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 14/232 / 358
232किसी व्यक्ति को मिथ्या साक्ष्य देने के लिए धमकाना
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 99स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्द(1) जो कोई, किसी अन्य व्यक्ति के शरीर, ख्याति या संपत्ति को या किसी ऐसे व्यक्ति के शरीर या ख्याति को जिससे कि वह व्यक्ति हितबद्ध है, कोई क्षति कारित करने की धमकी उस अन्य व्यक्ति को इस आशय से देता है कि वह व्यक्ति मिथ्या साक्ष्य दे तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से या दोनों से दंडित किया जाएगा ;
(2) यदि कोई निर्दोष व्यक्ति उपधारा (1) में निर्दिष्ट मिथ्या साक्ष्य के परिणामस्वरूप मृत्यु से या सात वर्ष से अधिक के कारावास से दोषसिद्ध और दंडादिष्ट किया जाता है तो ऐसा व्यक्ति, जो धमकी देता है, उसी दंड से दंडित किया जाएगा और उसी रीति में और उसी सीमा तक दंडादिष्ट किया जाएगा जैसे निर्दोष व्यक्ति दंडित और दंडादिष्ट किया गया है ।
यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।