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भारतीय न्याय संहिता, 2023

भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 14/254 / 358

254लुटेरों या डाकुओं को संश्रय देने के लिए शास्ति

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 106स्रोत

पुराना कानून

भारतीय दंड संहिता, 1860

आईपीसी से मिलान जल्द

जो कोई, यह जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए कि कोई व्यक्ति लूट या डकैती हाल ही में करने वाले हैं या हाल ही में लूट या डकैती कर चुके हैं, उनको या उनमें से किसी को, ऐसी लूट या डकैती का किया जाना सुकर बनाने के, या उनको या उनमें से किसी को दंड से बचाने के आशय से संश्रय देता है, वह कठिन कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।

स्पष्टीकरण —इस धारा के प्रयोजनों के लिए, यह तत्त्वहीन है कि लूट या डकैती भारत के भीतर या भारत से बाहर करने के लिए आशयित है या की जा चुकी है ।

अपवाद—इस धारा के उपबंधों का विस्तार ऐसे मामले पर नहीं है, जिसमें संश्रय देना या छिपाना अपराधी के पति या पत्नी द्वारा हो ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।