भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 14/243 / 358
243संपत्ति को जब्त किए जाने में या निष्पादन में अभिगृहीत किए जाने से निवारित करने के लिए उसे कपटपूर्वक हटाना या छिपाना
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 102स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दजो कोई, किसी संपत्ति को, या उसमें के किसी हित को इस आशय से कपटपूर्वक हटाता है, छिपाता है या किसी व्यक्ति को अंतरित या परिदत्त करता है कि उसके द्वारा वह उस संपत्ति या उसमें के किसी हित का ऐसे दंडादेश के अधीन जो न्यायालय या किसी अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा सुनाया जा चुका है या जिसके बारे में वह जानता है कि न्यायालय या अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा उसका सुनाया जाना संभाव्य है, जब्ती के रूप में या जुर्माने के चुकाने के लिए लिया जाना या ऐसी डिक्री या आदेश के निष्पादन में, जो सिविल वाद में न्यायालय द्वारा दिया गया हो या जिसके बारे में वह जानता है कि सिविल वाद में न्यायालय द्वारा उसका सुनाया जाना संभाव्य है, लिया जाना निवारित करे, वह दोनों में, से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से या जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
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