भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 14/242 / 358
242वाद या अभियोजन में किसी कार्य या कार्यवाही के प्रयोजन से मिथ्या प्रतिरूपण
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 101स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दजो कोई, किसी दूसरे का मिथ्या प्रतिरूपण करता है और ऐसे धारित किए हुए रूप में किसी वाद या आपराधिक अभियोजन में कोई स्वीकृति या कथन करता है, या दावे की संस्वीकृति करता है, या कोई आदेशिका निकलवाता है या जमानतदार या प्रतिभू बनाता है, या कोई भी अन्य कार्य करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
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