भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 14/259 / 358
259पकड़ने के लिए आबद्ध लोक सेवक द्वारा पकड़ने का साशय लोप
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 107स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दकोई ऐसा लोक सेवक होते हुए, जो किसी अपराध के लिए आरोपित या पकड़े जाने के दायित्व के अधीन किसी व्यक्ति को पकड़ने या परिरोध में रखने के लिए सेवक के नाते विधिक रूप से आबद्ध है, ऐसे व्यक्ति को पकड़ने का साशय लोप करता है या ऐसे परिरोध में से ऐसे व्यक्ति का निकल भागना साशय सहन करता है या ऐसे व्यक्ति के निकल भागने में या निकल भागने के लिए प्रयत्न करने में साशय मदद करता है, वह निम्नलिखित रूप से दंडित किया जाएगा,—
(क) यदि परिरुद्ध व्यक्ति या जो व्यक्ति पकड़ा जाना चाहिए था वह मृत्यु से दंडनीय अपराध के लिए आरोपित या पकड़े जाने के दायित्व के अधीन हो, तो वह जुर्माने सहित या रहित दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी ; या
(ख) यदि परिरुद्ध व्यक्ति या जो व्यक्ति पकड़ा जाना चाहिए था वह आजीवन कारावास या दस वर्ष तक की अवधि के कारावास से दंडनीय अपराध के लिए आरोपित है या पकड़े जाने के दायित्व के अधीन है, तो वह जुर्माने सहित या रहित दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी ; या
(ग) यदि परिरुद्ध व्यक्ति या जो पकड़ा जाना चाहिए था वह दस वर्ष से कम की अवधि के लिए कारावास से दंडनीय अपराध के लिए आरोपित है या पकड़े जाने के दायित्व के अधीन है, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से ।
यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।