भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 14/266 / 358
266दंड के परिहार की शर्त का अतिक्रमण
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 109स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दजो कोई, दंड का सशर्त परिहार स्वीकार कर लेने पर किसी शर्त का जिस पर ऐसा परिहार दिया गया था, जानते हुए अतिक्रमण करता है, यदि वह उस दंड का, जिसके लिए वह मूलतः दंडादिष्ट किया गया था, कोई भाग पहले ही न भोग चुका हो, तो वह उस दंड से और यदि वह उस दंड का कोई भाग भोग चुका हो, तो वह उस दंड के उतने भाग से, जितने को वह पहले ही भोग चुका हो, दंडित किया जाएगा ।
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