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भारतीय न्याय संहिता, 2023

भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 14/264 / 358

264उन दशाओं में, जिनके लिए अन्यथा उपबंध नहीं है, लोक सेवक द्वारा पकड़ने का लोप करना या निकल भागना या सहन करना

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 109स्रोत

पुराना कानून

भारतीय दंड संहिता, 1860

आईपीसी से मिलान जल्द

जो कोई, ऐसा लोक सेवक होते हुए जो किसी व्यक्ति को पकड़ने या परिरोध में रखने के लिए लोक सेवक के नाते वैध रूप से आबद्ध है, उस व्यक्ति को किसी ऐसी दशा में, जिसके लिए धारा 259, धारा 260 या धारा 261 या किसी अन्य तत्समय प्रवृत्त विधि में कोई उपबंध नहीं है, पकड़ने का लोप करता है या परिरोध में से निकल भागना सहन करता है,—

(क) यदि वह ऐसा साशय करता है, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से, या दोनों से ; और

(ख) यदि वह ऐसा उपेक्षापूर्वक करता है तो वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

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