भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 14/255 / 358
255लोक सेवक द्वारा किसी व्यक्ति को दंड से या किसी संपत्ति के जब्ती से बचाने के आशय से विधि के निदेश की अवज्ञा
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 106स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दजो कोई, लोक सेवक होते हुए विधि के ऐसे किसी निदेश की, जो उस संबंध में हो कि उससे ऐसे लोक सेवक के नाते किस ढंग का आचरण करना चाहिए, जानते हुए अवज्ञा किसी व्यक्ति को विधिक दंड से बचाने के आशय से या संभाव्यतः उसके द्वारा बचाता है यह जानते हुए या उतने दंड की अपेक्षा, जिससे वह दंडनीय है, उसके द्वारा कम दंड दिलवाता है यह संभाव्य जानते हुए या किसी संपत्ति को ऐसी जब्ती या किसी भार से, जिसके लिए वह संपत्ति विधि के द्वारा दायित्व के अधीन है बचाने के आशय से या संभाव्यतः उसके द्वारा बचाएगा यह जानते हुए करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
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