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भारतीय न्याय संहिता, 2023

भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 14/240 / 358

240किए गए अपराध के विषय में मिथ्या सूचना देना

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 101स्रोत

पुराना कानून

भारतीय दंड संहिता, 1860

आईपीसी से मिलान जल्द

जो कोई, यह जानते हुए, या यह विश्वास करने का कारण रखते हुए, कि कोई अपराध किया गया है, उस अपराध के बारे में कोई ऐसी सूचना देता है, जिसके मिथ्या होने का उसे ज्ञान या विश्वास हो, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

स्पष्टीकरण—धारा 238 और धारा 239 में और इस धारा में “अपराध” शब्द के अंतर्गत भारत से बाहर किसी स्थान पर किया गया कोई भी ऐसा कार्य आता है, जो यदि भारत में किया जाता तो निम्नलिखित धाराओं अर्थात् धारा 103, धारा 105, धारा 307, धारा 309 की उपधारा (2), उपधारा (3) और उपधारा (4), धारा 310 की उपधारा (2), उपधारा (3), उपधारा (4) और उपधारा (5), धारा 311, धारा 312, धारा 326 के खंड (च) और खंड (छ), धारा 331 की उपधारा (4), उपधारा (6), उपधारा (7) और उपधारा (8), धारा 332 के खंड (क) और खंड (ख) में से किसी भी धारा के अधीन दंडनीय होता ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।