भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 14/252 / 358
252चोरी की संपत्ति, आदि के वापस लेने में सहायता करने के लिए उपहार लेना
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 105स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दजो कोई, किसी व्यक्ति की किसी ऐसी चल संपत्ति के वापस करा लेने में, जिससे इस संहिता के अधीन दंडनीय किसी अपराध द्वारा वह व्यक्ति वंचित कर दिया गया हो, सहायता करने के बहाने या सहायता करने के संबंध में कोई परितोषण लेता है या लेने का करार करता है या लेने को सम्मत होता है, वह, जब तक कि अपनी शक्ति में के सब साधनों को अपराधी को पकड़वाने के लिए और अपराध के लिए दोषसिद्ध कराने के लिए उपयोग में न लाए, दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
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