भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 14/268 / 358
268असेसर का प्रतिरूपण
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 110स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दजो कोई, किसी मामले में प्रतिरूपण द्वारा या अन्यथा, अपने को यह जानते हुए असेसर के रूप में तालिकांकित, पेनलित या गृहीतशपथ साशय कराएगा या होने देना जानते हुए सहन करता है कि वह इस प्रकार तालिकांकित, पेनलित या गृहीतशपथ होने का विधि द्वारा हकदार नहीं है या यह जानते हुए कि वह इस प्रकार तालिकांकित, पेनलित या गृहीतशपथ विधि के प्रतिकूल हुआ है, ऐसे असेसर के रूप में स्वेच्छा सेवा करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
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