भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 14/245 / 358
245ऐसी राशि के लिए, जो देय नहीं है, कपटपूर्वक डिक्री होने देना सहन करना
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 102स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दजो कोई, किसी व्यक्ति के वाद में ऐसी राशि के लिए, जो ऐसे व्यक्ति को देय न हो या देय राशि से अधिक हो, या किसी ऐसी संपत्ति या संपत्ति में के हित के लिए, जिसका ऐसा व्यक्ति हकदार न हो, अपने विरुद्ध कोई डिक्री या आदेश कपटपूर्वक पारित करवाता है, या पारित किया जाना सहन करता है या किसी डिक्री या आदेश को उसके तुष्ट कर दिए जाने के पश्चात् या किसी ऐसी बात के लिए, जिसके विषय में उस डिक्री या आदेश की तुष्टि कर दी गई है, अपने विरुद्ध कपटपूर्वक निष्पादित करवाता है या किया जाना सहन करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
दृष्टांत
य के विरुद्ध एक वाद क संस्थित करता है । य यह संभाव्य जानते हुए कि क उसके विरुद्ध डिक्री अभिप्राप्त कर लेगा, ख के वाद में, जिसका उसके विरुद्ध कोई न्यायसंगत दावा नहीं है, अधिक रकम के लिए अपने विरुद्ध निर्णय किया जाना इसलिए कपटपूर्वक सहन करता है कि ख स्वयं अपने लिए या य के फायदे के लिए य की संपत्ति के किसी ऐसे विक्रय के आगमों का अंश ग्रहण करे, जो क की डिक्री के अधीन किया जाए । य ने इस धारा के अधीन अपराध किया है ।
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