भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 17/322 / 358
322अन्तरण के ऐसे विलेख का, जिसमें प्रतिफल के संबंध में मिथ्या कथन अन्तर्विष्ट है, बेईमानी से या कपटपूर्वक निष्पादन
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 131स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दजो कोई, बेईमानी से या कपटपूर्वक किसी ऐसे विलेख या लिखत को हस्ताक्षरित करता है, निष्पादित करता है, या उसका पक्षकार बनता है, जिससे किसी सम्पत्ति का, या उसमें के किसी हित का, अंतरित किया जाना, या किसी भार के अधीन किया जाना, तात्पर्यित है, और जिसमें ऐसे अंतरण या भार के प्रतिफल से संबंधित, या उस व्यक्ति या उन व्यक्तियों से संबंधित, जिसके या जिनके उपयोग या फायदे के लिए उसका प्रवर्तित होना वास्तव में आशयित है, कोई मिथ्या कथन अन्तर्विष्ट है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
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