भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 17/326 / 358
326क्षति, जलप्लावन, अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा रिष्टि
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 133स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दजो कोई, किसी ऐसे कार्य के करने द्वारा रिष्टि करता है,—
(क) जिससे कृषिक प्रयोजनों के लिए, या मानव प्राणियों के या उन जीव-जन्तुओं के, जो सम्पत्ति है, खाने या पीने के, या सफाई के या किसी विनिर्माण को चलाने के जलप्रदाय में कमी कारित होती हो या कमी कारित होना वह सम्भाव्य जानता हो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ;
(ख) जिससे किसी लोक सड़क, पुल, नाव्य, नदी या प्राकृतिक या कृत्रिम नाव्य जलसरणी को यात्रा या सम्पत्ति प्रवहण के लिए अगम्य या कम निरापद बना दिया जाए या बना दिया जाना वह सम्भाव्य जानता हो, वह दोनों में से, किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ;
(ग) जिससे किसी लोक जलनिकास में क्षतिप्रद या नुकसानप्रद जलप्लावन या बाधा कारित हो जाए, या होना वह सम्भाव्य जानता हो, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ;
(घ) जिससे रेल, वायुयान या पोत या अन्य चीज के, जो नौ-चालकों के लिए मार्ग प्रदर्शन के लिए रखी गई हो, नष्ट करने या हटाने या कोई ऐसा कार्य करने द्वारा, जिससे कोई ऐसा चिन्ह या सिग्नल जो नौ-चालकों के लिए मार्ग प्रदर्शक के रूप में कम उपयोगी बन जाए, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ;
(ङ) जिससे किसी लोक सेवक के प्राधिकार द्वारा लगाए गए किसी भूमि चिह्न के नष्ट करने या हटाने द्वारा या कोई ऐसा कार्य करने द्वारा, जिससे ऐसा भूमि चिह्न ऐसे भूमि चिह्न के रूप में कम उपयोगी बन जाए, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ;
(च) जिससे कृषि उपज सहित किसी सम्पत्ति का नुकसान कारित करने के आशय से, या यह सम्भाव्य जानते हुए कि वह उसके द्वारा ऐसा नुकसान अग्नि या किसी विस्फोटक पदार्थ द्वारा कारित हो, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ;
(छ) जिससे किसी ऐसे निर्माण का, जो साधारण तौर पर उपासना स्थान के रूप में या मानव-आवास के रूप में या संपत्ति की अभिरक्षा के स्थान के रूप में उपयोग में आता हो, नाश कारित करने के आशय से, या यह सम्भाव्य जानते हुए कि वह उसके द्वारा उसका नाश अग्नि या किसी विस्फोटक पदार्थ द्वारा कारित हो, वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा, और जुर्माने का भी दायी होगा ।
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