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भारतीय न्याय संहिता, 2023

भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 17/330 / 358

330गृह-अतिचार और गृह-भेदन

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 134–136स्रोत

पुराना कानून

भारतीय दंड संहिता, 1860

आईपीसी से मिलान जल्द

(1) जो कोई, यह पूर्वावधानी बरतने के पश्चात् गृह-अतिचार करता है कि ऐसे गृह -अतिचार को किसी ऐसे व्यक्ति से छिपाया जाए जिसे उस निर्माण, तम्बू या जलयान में से, जो अतिचार का विषय है, अतिचारी को अपवर्जित करने या बाहर कर देने का अधिकार है, वह “प्रच्छन्न गृह-अतिचार” करता है, यह कहा जाता है ।

(2) जो व्यक्ति गृह-अतिचार करता है, वह “गृह-भेदन” करता है, यह कहा जाता है, यदि वह उस घर में या उसके किसी भाग में इसमें इसके पश्चात् वर्णित छह तरीकों में से किसी तरीके से प्रवेश करता है या यदि वह उस घर में या उसके किसी भाग में अपराध करने के प्रयोजन से होते हुए, या वहां अपराध कर चुकने पर, उस घर से या उसके किसी भाग से ऐसे निम्नलिखित तरीकों में से किसी तरीके से बाहर निकलता है, अर्थात् :—

(क) यदि वह ऐसे रास्ते से प्रवेश करता है या बाहर निकलता है, जो स्वयं उसने या उस गृह-अतिचार के किसी दुष्प्रेरक ने वह गृह-अतिचार करने के लिए बनाया है ;

(ख) यदि वह किसी ऐसे रास्ते से, जो उससे या उस अपराध के दुष्प्रेरक से भिन्न किसी व्यक्ति द्वारा मानव प्रवेश के लिए आशयित नहीं है, या किसी ऐसे रास्ते से, जिस तक कि वह किसी दीवार या निर्माण पर सीढ़ी द्वारा या अन्यथा चढ़कर पहुंचा है, प्रवेश करता है या बाहर निकलता है ;

(ग) यदि वह किसी ऐसे रास्ते से प्रवेश करता है या बाहर निकलता है जिसको उसने या उस गृह-अतिचार के किसी दुष्प्रेरक ने वह गृह-अतिचार करने के लिए किसी ऐसे साधन द्वारा खोला है, जिसके द्वारा उस रास्ते का खोला जाना उस घर के अधिभोगी द्वारा आशयित नहीं था ;

(घ) यदि उस गृह-अतिचार को करने के लिए, या गृह-अतिचार के पश्चात् उस घर से निकल जाने के लिए वह किसी ताले को खोलकर प्रवेश करता या बाहर निकलता है ;

(ङ) यदि वह आपराधिक बल के प्रयोग या हमले या किसी व्यक्ति पर हमला करने की धमकी द्वारा अपना प्रवेश करता है या प्रस्थान करता है ;

(च) यदि वह किसी ऐसे रास्ते से प्रवेश करता है या बाहर निकलता है जिसके बारे में वह जानता है कि वह ऐसे प्रवेश या प्रस्थान को रोकने के लिए बंद किया हुआ है और अपने द्वारा या उस गृह-अतिचार के दुष्प्रेरक द्वारा खोला गया है ।

स्पष्टीकरण—कोई उपघर या निर्माण जो किसी घर के साथ-साथ अधिभोग में है, और जिसके और ऐसे घर के बीच आने जाने का अव्यवहित भीतरी रास्ता है, इस धारा के अर्थ के अंतर्गत उस घर का भाग है ।

दृष्टांत

(क) य के घर की दीवार में छेद करके और उस छेद में से अपना हाथ डालकर क गृहअतिचार करता है । यह गृह-भेदन है ।

(ख) क तल्लों के बीच की बारी में से रैंग कर एक पोत में प्रवेश करने द्वारा गृहअतिचार करता है । यह गृह-भेदन है ।

(ग) य के घर में एक खिड़की से प्रवेश करने द्वारा क गृह-अतिचार करता है । यह गृह-भेदन है ।

(घ) एक बंद द्वार को खोलकर य के घर में उस द्वार से प्रवेश करने द्वारा क गृहअतिचार करता है । यह गृह-भेदन है ।

(ङ) य के घर में द्वार के छेद में से तार डालकर सिटकनी को ऊपर उठाकर उस द्वार में प्रवेश करने द्वारा क गृह-अतिचार करता है । यह गृह-भेदन है ।

(च) क को य के घर के द्वार की चाबी मिल जाती है, जो य से खो गई थी, और वह उस चाबी से द्वार खोल कर य के घर में प्रवेश करने द्वारा गृह-अतिचार करता है । यह गृह-भेदन है ।

(छ) य अपनी ड्योढ़ी में खड़ा है । य को धक्के से गिराकर क उस घर में बलात् प्रवेश करने द्वारा गृह-अतिचार करता है । यह गृह-भेदन है ।

(ज) य, जो म का दरबान है, म की ड्योढ़ी में खड़ा है । य को मारने की धमकी देकर क उसको विरोध करने से भयोपरत् करके उस घर में प्रवेश करने द्वारा गृह-अतिचार करता है । यह गृह-भेदन है ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।